मिट्टी ढहने से मजदूरों की मौत मामले में हरियाणा सरकार और पुलिस कमिश्नर को मानवाधिकार आयोग ने जारी किया नोटिस

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Mar, 2026 05:54 PM

human rights commission issued notice to haryana govt and police commissioner

गांव सिधरावली में स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स की कॉलोनी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने से 7 मजूदरों की मौत व 4 के घायल होने के मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): गांव सिधरावली में स्थित सिग्नेचर ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स की कॉलोनी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की खुदाई के दौरान मिट्टी ढहने से 7 मजूदरों की मौत व 4 के घायल होने के मामले में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने शुक्रवार को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव और गुड़गांव पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

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आपको बता दें कि सोमवार देर रात को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की खुदाई करने के दौरान अचानक मिट्टी ढह गई। इस मलबे की चपेट में आने से सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि चाी अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई घंटों तक राहत कार्य चला, जिसमें एनडीआरफ, एसडीआरफ, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।

 

मानव अधिकार आयोग  ने मीडिया रिपोर्ट्स पर गौर करते हुए कहा है कि यदि खबरें सही हैं तो यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। आयोग ने यह संकेत दिया है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से निर्दोष मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ठेकेदार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस तरह के हादसों में जान जाना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। 

 

आयोग ने अपनी नोटिस में स्पष्ट रूप से तीन मुख्य जानकारियां मांगी हैं। हादसे में घायल हुए मजदूरों के स्वास्थ्य का वर्तमान स्टेटस और उन्हें दिया जा रहा उपचार। अब तक हुई पुलिस और प्रशासनिक जांच का पूरा विवरण और दोषियों पर की गई कार्रवाई। मृतक मजदूरों के परिजनों और घायलों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता या मुआवजे का ब्यौरा मांगा गया है। आयोग ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 14 दिनों के भीतर यह रिपोर्ट पेश की जाए। इस मामले में पुलिस द्वारा की जा रही जांच की निगरानी अब सीधे मानवाधिकार आयोग कर रहा है। 

 

हादसे के बाद पुलिस ने बिल्डर कंपनी,ठेकेदार सहित अन्य छह लोगों को मंगलवार को बिलासपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। मामले में जांच करते हुए मंगलवार को पुलिस ने प्रोजेक्ट मैनेजर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर को गिरफ्तार किया गया। बुधवार को कोर्ट में पेश कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जबकि केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को हादसे में जान गंवाने वाले सात श्रमिकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए 20-20 लाख रुपए के चेक प्रदान किए गए थे।

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