छात्रों के जीवन से खिलवाड़ करने वाला Educrest स्कूल चेयरमैन गिरफ्तार

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 07 Mar, 2026 05:15 PM

school chairman arrested in case of fraud with students

दसवीं कक्षा के 11 छात्रों के जीवन से खिलवाड़ करने के आरोप में Educrest International School के चेयरमैन विनय कटारिया (उम्र-38 वर्ष, शिक्षा एमबीए) निवासी सेक्टर 9 को गुड़गांव पुलिस की अपराध शाखा मानेसर ने बिलासपुर चौक से काबू कर लिया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): दसवीं कक्षा के 11 छात्रों के जीवन से खिलवाड़ करने के आरोप में Educrest International School के चेयरमैन विनय कटारिया (उम्र-38 वर्ष, शिक्षा एमबीए) निवासी सेक्टर 9 को गुड़गांव पुलिस की अपराध शाखा मानेसर ने बिलासपुर चौक से काबू कर लिया है। 

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आरोपी से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि आरोपी उपरोक्त स्कूल EDUCREST INTERNATIONAL SCHOOL सेक्टर 9B, गुड़गांव का चेयरमैन है और यह स्कूल यह पिछले 8 वर्ष से चला रहा है। आरोपी ने बताया कि उपरोक्त स्कूल को सीबीएसई से 8वीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त है और आरोपी ने रुपये कमाने के लालच में 10वीं कक्षा की फर्जी मान्यता दिखाकर 25 बच्चों को 9वीं कक्षा व 10th कक्षा में दाखिला दिलाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी को आज अदालत में पेश किया गया जहां से उसे पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। 

 

आपको बता दें कि 11 छात्रों के एडमिट कार्ड न आने पर 16 फरवरी की रात को अभिभावकों ने Educrest International School के बाहर जमकर हंगामा किया था। देर रात को डीसी कार्यालय का भी घेराव किया गया था। काफी हंगामे के बाद सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) व 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस को दी गई शिकायत में अभिभावक ने आरोप लगाया था कि इसकी बेटी Educrest International School की छात्रा है, जिसके साथ स्कूल प्रबंधन द्वारा गंभीर धोखाधड़ी की गई है।

 

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रवेश के समय यह दावा किया गया कि विद्यालय सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है तथा वैध मान्यता प्रमाण-पत्र एवं संबद्धता नंबर प्रदर्शित किया गया। छात्रा से ट्यूशन फीस, बिल्डिंग फंड, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर शुल्क आदि विभिन्न मदों में नियमित रूप से शुल्क लिया गया। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा (कक्षा 10) के समय छात्रा को एडमिट कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। बाद में जांच करने पर शिकायतकर्ता को ज्ञात हुआ कि विद्यालय सीबीएसई से न तो संबद्ध है और न ही मान्यता प्राप्त है तथा जो रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया वह भी गलत है। स्कूल के इस कृत्य से छात्रा का एक शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हुआ तथा उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।

 

मामले में विनय कटारिया (चेयरमैन), रिद्धिमा कटारिया (प्रिंसिपल), सिमर बत्रा (वाइस प्रिंसिपल), सोनिया (कोऑर्डिनेटर) अन्य संबंधित स्टाफ सदस्य को आरोपी बनाया गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए अपराध शाखा मानेसर ने स्कूल के चेयरमैन को काबू कर पूछताछ शुरू कर दी है। 

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