Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 20 Mar, 2026 01:56 PM

डंकी रूट से भारत में आकर देश भर के 300 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में गुड़गांव पुलिस ने एक आरोपी को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है।
गुड़गांव, (पवन कुमार सेठी): डंकी रूट से भारत में आकर देश भर के 300 से ज्यादा स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में गुड़गांव पुलिस ने एक आरोपी को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सौरभ विश्वास उर्फ माइकल (उम्र- 30 वर्ष शिक्षा-12वीं) निवासी बांग्लादेश हाल निवासी श्रीपल्ली बाजार, गोविन्दपल्ली जिला उत्तर 24 परगना (पश्चिम-बंगाल) के रूप में हुई है। हालांकि पुलिस को यह भी पता लगा है कि उसका यह नाम फर्जी है जिसके आधार पर उसने पश्चिम बंगाल में ब्रोकर के जरिए दस्तावेज बनवाए हैं। आरोपी की असली पहचान जानने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस सहित बांग्लादेश सरकार से भी पत्राचार शुरू कर दिया गया है।
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एसीपी प्रियांशु दिवान ने पत्रकारवार्ता कर बताया कि आरोपी 9 साल पहले जंगल के रास्ते भारत में आया था और एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी करने लगा था। करीब पांच साल पहले उसने अहमदाबाद पहुंचकर डिजिटल मार्केटिंग का काम सीखा और वर्तमान में वह डिजिटल मार्केटिंग का ही काम कर रहा था। आरोपी ने गुड़गांव के 40 से ज्यादा स्कूलों को धमकी भरी ईमेल भेजने के लिए कोलकाता में साल 2024 में ईमेल क्रिएट की थी और इस ईमेल को 250 डॉलर में ढाका के एक व्यक्ति मामुनूर राशिद को बेच दी थी। इस ईमेल के जरिए भी गुड़गांव ही नहीं बल्कि, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात सहित अन्य राज्यों के 300 से ज्यादा स्कूलों को न केवल बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी बल्कि इन ईमेल में खालिस्तान का समर्थन करने, एसवाईएल के मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री हरियाणा नायब सिंह सैनी को धमकाने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अगला टारगेट करने की बात कही गई थी।
एसीपी प्रियांशु दिवान ने बताया कि आरोपी एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ढाका से जुड़ा हुआ था और इस टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए ही वहां उसकी बातचीत हो रही थी। आरोपी को डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक्स इत्यादि की जानकारी है तथा यह पिछले 5 वर्ष से डिजिटल मार्केटिंग में फ्रीलांसिंग का काम करता है। यह एक फेसबुक ग्रुप में जुड़ा हुआ था जहां पर इसका संपर्क मामुनूर राशिद नामक एक बांग्लादेशी व्यक्ति से हुआ। जिसने इससे जीमेल आईडी मांगी। इसके बदले में इसको USDT देने की बात कही। इसके बाद इसने लगभग 300 जीमेल आईडी मामुनूर राशिद को उपलब्ध करवाई। जिसके बदले इसको करीब 250 USDT crypto currency के रूप में मिले थे। उपरोक्त में से ही एक मेल आईडी का प्रयोग इस घटना में स्कूलों में बॉम्ब होने की झूठी ईमेल भेजने में किया गया। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल बरामद किया गया है जिसमें बने क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को भी जांचा जा रहा है। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसके साथ कितने और लोग शामिल हैं। कितने लोग अवैध रूप से बांग्लादेश से भारत आए। वहीं, आरोपी के व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़े सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।
आपको बता दें कि 28 जनवरी को गुड़गांव पुलिस को गुड़गांव के अलग-अलग 40 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने की ईमेल प्राप्त होने की शिकायत मिली थी। इन सभी मामलों में गुड़गांव पुलिस ने संबंधित साइबर थानों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इन सभी स्कूलाें से सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड, फायर ब्रिगेड को मौके पर भेजकर स्कूलों को सेनेटाइज कराया गया था। मामले में साइबर अपराध की टीमों द्वारा जांच की जा रही थी कि मार्च महीने में एक बार फिर इस तरह की ईमेल करीब 10 स्कूलों को प्राप्त हुई थी। जनवरी माह में मिली बम की सूचना की जांच करते हुए पुलिस ने आरोपी को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।