Edited By Isha, Updated: 20 Mar, 2026 04:49 PM

हरियाणा में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों से प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम वैज्ञानिक डॉ....
हिसार(विनोद): हरियाणा में एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों से प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार, इस बेमौसम बारिश ने जहाँ आम जनमानस को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
डॉ. डागर ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान हरियाणा के अधिकांश जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में यह 20MM तक दर्ज की गई। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते प्रदेश के अधिकतम तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आई है, जिससे मौसम में दोबारा ठंडक महसूस की जा रही है।
बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने पकने की ओर बढ़ रही गेहूं की फसल को खासा नुकसान पहुँचाया है। कई जगहों पर ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण फसल जमीन पर बिछ गई है (Lodging), जिससे दाने की गुणवत्ता और पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है, जिसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने लगेगा। मौसम वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि 25 और 26 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस कारण तापमान में फिलहाल ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है।
मौसम विभाग ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉ. डागर ने कहा कि किसान अभी अंधाधुंध सिंचाई न करें। हवा की गति और मिट्टी की नमी को देखकर ही आवश्यकतानुसार पानी दें, ताकि फसल को गिरने से बचाया जा सके।