Palwal : रिहायशी इलाके की फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 16 दमकल गाड़ियों ने पाया काबू, लाखों का नुकसान

Edited By Krishan Rana, Updated: 13 Mar, 2026 09:31 PM

palwal massive fire breaks out in a factory in a residential area brought unde

पलवल के पातली गेट स्थित दयानन्द स्कूल के पास रिहायशी क्षेत्र में चल रही धागा व रस्सी बनाने की फैक्ट्री

पलवल (गुरुदत्त गर्ग) : पलवल के पातली गेट स्थित दयानन्द स्कूल के पास रिहायशी क्षेत्र में चल रही धागा व रस्सी बनाने की फैक्ट्री में शुक्रवार सुबह भीषण आग लग गई। आग पर करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आगजनी में लगभग 40 से 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब सवा 9 बजे बिजली आने के बाद फैक्ट्री के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों में स्पार्किंग दिखाई दी और देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। उस समय फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों ने छोटे अग्निशमन सिलेंडरों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बेसमेंट से लेकर दो मंजिल तक फैल गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 20 फायर फाइटर्स ने 16 गाड़ियों (पानी के टैंकरों) की मदद से करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान फायर कर्मियों को घने धुएं और बिल्डिंग गिरने के खतरे के बीच काफी जोखिम उठाना पड़ा।

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फायर अधिकारी भागीरथ और अनिल शर्मा ने बताया कि धुएं के कारण बेसमेंट में जाना बेहद जोखिम भरा था, लेकिन उनकी बहादुर टीम ने प्रयास कर पहली और दूसरी मंजिल पर रखा काफी सामान सुरक्षित कर लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह फैक्ट्री पिछले 10–12 वर्षों से रिहायशी क्षेत्र में बिना फायर सेफ्टी सिस्टम और फायर एनओसी के चल रही थी। फैक्ट्री में आग बुझाने की आंतरिक व्यवस्था भी नहीं थी।  

आग का असर आसपास के मकानों पर भी पड़ा। पड़ोसी पवन भाटी के मकान की दीवार में दरार आ गई, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन मकान खाली करवा दिया। पवन भाटी ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने परिवार को पड़ोसियों के घर शिफ्ट कर दिया है। उनका कहना है कि फैक्ट्री को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

फैक्ट्री मालिक प्रभात ने बताया कि आग से करीब 40 से 50 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि घटना के समय फैक्ट्री में तीन से चार कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फैक्ट्री में फायर सेफ्टी सिस्टम होता तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। अब इस घटना के बाद रिहायशी क्षेत्र में चल रही ऐसी फैक्ट्रियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

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