एक पैर खोने के बाद भी नहीं टूटे सपने, अपने दम पर बॉडी बिल्डर बन कायम की मिसाल(video)

Edited By Punjab Kesari, Updated: 22 Dec, 2017 10:06 AM

आमतौर पर जिंदगी में छोटी-मोटी दिक्‍कतों से लोग परेशान और मायूस हो जाते हैं। लेकिन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर, जिंदगी को एक नई दिशा देना बड़ी बात होती है। जी हां हम सोनीपत के रहने वाले मोहित की बात कर रहे हैं, जिसे 2009 में बोन कैंसर हुआ।...

सोनीपत(पवन राठी):आमतौर पर जिंदगी में छोटी-मोटी दिक्‍कतों से लोग परेशान और मायूस हो जाते हैं। लेकिन, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर, जिंदगी को एक नई दिशा देना बड़ी बात होती है। जी हां हम सोनीपत के रहने वाले मोहित की बात कर रहे हैं, जिसे 2009 में बोन कैंसर हुआ। जिसके बाद उसके सपने टूट कर बिखरने लगे। मोहित की इस बीमारी से माता-पिता के अलावा उसका बड़ा भाई भी परेशान रहने लगा। अपनों को इस तरह परेशान देख मोहित से रहा नहीं गया।
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उसने कड़ी मेहनत की और अपने दमपर बॉडी बिल्डर बना। आज हम आपको सोनीपत के उस लड़के से मिलवाते हैं, जिसने कैंसर जैसी बीमारी को हरा कर जिंदगी जीने का नया तरीका अपनाया है।
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पिता मोहिंदर ने बताया कि मोहित उनकी सबसे छोटी संतान है। 11 साल की उम्र में उसे बोन कैंसर हो गया। पैर में अधिक दिक्कत आने के कारण दिल्ली स्थित भारतीय रेलवे के सेंट्रल अस्पताल में एक पैर काटना पड़ा। जिसके बाद नकली पैर लगवा दिया गया। लेकिन साल 2015 में दूसरा पैर फिसलने के कारण कृत्रिम पैर भी गवां दिया।
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अब तक मोहित नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड, दो सिल्वर दो ब्रांज मेडल अपने नाम कर चुका है। उसका अगला टारगेट मिस्टर यूनिवर्स बनना है। मोहित के परिजनों ने सरकार से मांग की है कि सभी खिलाड़ियों की तरह उनके बेटे को भी सुविधाएं दी जाए ताकि वह भी अपने देश का नाम रोशन कर सके।

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