कोच खिलाड़ी बनने का सपना नहीं हुआ पूरा तो राजेश ने लिया प्रण, अब युवाओं को दे रहा मुफ्त कोचिंग

Edited By Manisha rana, Updated: 04 Jun, 2026 03:53 PM

rajesh took a vow when his dream of becoming a coach failed to come true

रोहतक के हिसार रोड पर स्थित शास्त्री नगर के रहने वाले राजेश एथलेटिक्स का खिलाड़ी था लेकिन पारिवारिक हालात के चलते आगे नहीं बढ़ पाया तो राजेश ने प्रण लिया कि मैं खिलाड़ी नहीं बन सका तो ऐसे खिलाड़ियों को उच्च लेवल तक ले जाना चाहते थे जो पारिवारिक...

रोहतक (दीपक भारद्वाज) : रोहतक के हिसार रोड पर स्थित शास्त्री नगर के रहने वाले राजेश एथलेटिक्स का खिलाड़ी था लेकिन पारिवारिक हालात के चलते आगे नहीं बढ़ पाया तो राजेश ने प्रण लिया कि मैं खिलाड़ी नहीं बन सका तो ऐसे खिलाड़ियों को उच्च लेवल तक ले जाना चाहते थे जो पारिवारिक हालातों से गुजर रहे थे ऐसे में राजेश ने करीबन ढ़ाई हजार युवाओं को मुफ्त में ट्रेनिंग दी और उन्हीं खिलाड़ियों में से करीबन 125 खिलाड़ी सरकारी नौकरी पा चुके हैं तो 8 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल ला चुके हैं। वहीं 144 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर मेडल ला चुके हैं। राजेश सरकारी स्कूल में DE के पद पर तैनात है। छुट्टी के बाद वह ट्रेनिंग देने के लिए अलग-अलग गांव में जाते हैं।

राजेश ने कहा कि वह भी खुद खिलाड़ी बनना चाहते थे लेकिन उस समय परिवार के हालात ऐसे हुए कि वह खिलाड़ी नहीं बन सके। उन्होंने बताया कि जो युवा खेल में इंटरेस्ट लेते थे उन्हें उन्हीं के खेल के अनुसार ट्रेनिंग दी। खास तौर पर डिस्कस थ्रो रेसलिंग में काफी खिलाड़ियों की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल आए हैं। उन्होंने 21 सालों में अब तक 1 रुपए भी फीस का नहीं दिया और वह चाहते हैं कि जब तक जिए खिलाड़ियों को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग देते रहेंगे। राजेश ने बताया कि मैं खिलाड़ी नहीं बन सका तो दूसरे खिलाड़ियों को अपने आप में देखता हूं जो खिलाड़ी कामयाब होते हैं उन्हें से संतुष्टि मिलती है।

वहीं दूसरी ओर खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें मुफ्त में ट्रेनिंग मिली है और काफी पैसे बच गए। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राजेश कोच को समर्पित है। उन्हीं की वजह से वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं कि राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल लिए और नौकरी पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कभी भी राजेश कोच ने किसी पैसे की डिमांड नहीं की, जबकि हमें ट्रेनिंग देने के लिए अपना समय निकाल कर आते थे। उन्होंने कहा कि राजेश इतना समय अपने परिवार को भी नहीं दे पा रहे हैं जितना समय वो हमें ट्रेनिंग देने के लिए आते हैं। अच्छे से ट्रेनिंग देकर हमें इस लायक बनाया है कि हम देश का नाम रोशन कर सके। उन्होंने कहा कि आज हम इस मुकाम पर केवल राजेश कोच की वजह से ही पहुंचे हैं।

गौरतलब है कि राजेश कोच ने करीबन ढाई हजार युवाओं को मुफ्त में ट्रेनिंग देकर ऐसे खिलाड़ियों को तराशा है जो देश के लिए मेडल ला रहे हैं। ऐसे कोच को यदि सरकारी सहायता मिल जाए तो आलम कुछ और ही हो सकता है।

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