झुलसाने वाली गर्मी में 55 दिनों में 4200 KM दौड़ेंगे Kartik Joshi...फिट इंडिया का संदेश दे रहे अल्ट्रा रनर

Edited By Krishan Rana, Updated: 16 May, 2026 04:35 PM

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कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो मंजिलों की दूरी मायने नहीं रखती। ​ऐसा ही प्रण लेकर इंदौर के अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी देश के युवाओं को

अंबाला (अमन कपूर) : कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो, तो मंजिलों की दूरी मायने नहीं रखती। ​ऐसा ही प्रण लेकर इंदौर के अल्ट्रा रनर कार्तिक जोशी देश के युवाओं को फिटनेस का संदेश देने के लिए देश के एक कोने से दूसरे कोने तक की दौड़ पर निकल चुके हैं। कार्तिक, भारत के सबसे ठंडे इलाकों में शुमार द्रास (कारगिल) से लेकर देश के आखिरी छोर कन्याकुमारी तक का सफर तय कर रहे हैं। 4200 किलोमीटर का यह बेहद कठिन सफर कार्तिक महज 55 दिनों में पूरा करने वाले हैं।

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माइनस 11 डिग्री की कड़ाके की ठंड से लेकर 39 डिग्री सेल्सियस की झुलसाने वाली गर्मी तक! जब इरादे फौलादी हो, तो न मौसम राह रोकता है और न ही दूरियां। मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले जांबाज रनर कार्तिक जोशी ने एक ऐसा ही असंभव दिखने वाला संकल्प लिया है। कार्तिक जोशी देश के युवाओं को सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए और जमीनी स्तर के खिलाड़ियों की मदद के लिए एक ऐतिहासिक दौड़ पर निकले हैं। 

कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर जाकर थमेगा सफर

द्रास और कारगिल के वॉर मेमोरियल से शुरू हुआ यह सफर कन्याकुमारी के विवेकानंद रॉक मेमोरियल पर जाकर थमेगा। इस महा-अभियान में कार्तिक कुल 4200 किलोमीटर की दूरी महज 55 दिनों में पूरी करने वाले हैं। यानी हर दिन करीब एक से दो मैराथन के बराबर की दौड़!

कारगिल से कन्याकुमारी, 4200 किलोमीटर का रन कर रहे

कार्तिक ने कहा इस बार वे कारगिल से कन्याकुमारी, 4200 किलोमीटर का रन कर रहे हैं। यह एक्सपीडिशन एक वर्ल्ड रिकॉर्ड अटेम्प्ट है, जो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अटेम्प्ट किया जा रहा है। इस पूरे रन को लेकर मोटिव है उन ग्रासरूट एथलीट्स को सपोर्ट करना जो सुविधाओं से वंचित हैं। वे पूरे भारत से ऐसे 100 ग्रासरूट एथलीट्स को चुनेंगे, जिन्हें अगले एक साल तक किट, न्यूट्रिशन और ट्रेनिंग में मदद की जाएगी।

3 केंद्र शासित प्रदेशों, 7 राज्यों, 37 बड़े शहरों और 600 से अधिक गांवों से गुजरने वाला यह सफर सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि देश के खेल भविष्य को बदलने की एक मुहिम है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने जा रहे इस प्रयास के जरिए कार्तिक उन 100 उभरते हुए खिलाड़ियों को गोद लेंगे, जिनके पास हुनर तो है पर संसाधनों की कमी है।

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