यूएन में गरजे बिप्लब कुमार देब, कहा- आतंकवाद के खिलाफ दुनिया को एकजुट होकर निर्णायक कार्रवाई करनी होगी

Edited By Harman, Updated: 07 Oct, 2026 09:51 AM

biplab kumar deb in the un

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की छठी समिति में भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य रखते हुए पश्चिम त्रिपुरा के सांसद एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा और स्पष्ट पक्ष दुनिया के सामने रखा।

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क : संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र की छठी समिति में भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य रखते हुए पश्चिम त्रिपुरा के सांसद एवं त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का कड़ा और स्पष्ट पक्ष दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद अपने सभी स्वरूपों में मानवता, अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, आर्थिक प्रगति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।

बिप्लब कुमार देब ने कहा कि आतंकवाद यूएन के मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है और नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने को किसी भी परिस्थिति में न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दुनिया में ‘गुड टेररिज्म’ और ‘बैड टेररिज्म’ जैसा कोई भेद नहीं होना चाहिए। भारत आतंकवाद के हर कृत्य को मानवता के विरुद्ध अपराध मानता है।

उन्होंने आतंकवादी संगठनों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर भी गंभीर चिंता जताई। देब ने कहा कि आतंकवादी संगठन भर्ती, कट्टरपंथीकरण, प्रचार, ऑपरेशनल प्लानिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए नई तकनीकों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। इनकी वैश्विक पहुंच, गति और गुमनामी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन रही है तथा कमजोर युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

CCIT को शीघ्र पूरा करने की मांग

भारत की ओर से बोलते हुए बिप्लब कुमार देब ने Comprehensive Convention on International Terrorism (CCIT) को शीघ्र अंतिम रूप दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1996 में भारत द्वारा इसका मसौदा प्रस्तुत किए जाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक कन्वेंशन का अभाव अब भी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की एक बड़ी कमी है। CCIT के शीघ्र संपन्न होने से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक कानूनी ढांचा और मजबूत होगा।

पहलगाम हमले का किया उल्लेख

देब ने कहा कि भारत आतंकवाद के खतरे को किसी काल्पनिक चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि दशकों से झेल रही वास्तविकता के रूप में देखता है। उन्होंने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस हमले ने आतंकवाद की भारी मानवीय कीमत को फिर उजागर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को सीमा पार से संरक्षण, सुरक्षित पनाहगाह और सहायता मिलती रही है। उन्होंने 12 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा का भी उल्लेख किया, जिसमें पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की गई तथा आतंकवाद के सभी कृत्यों को उनके उद्देश्य, स्थान और अपराधियों की पहचान से परे आपराधिक और अनुचित बताया गया।

आतंकवाद के खिलाफ भारत ने बताईं छह प्राथमिकताएं

बिप्लब कुमार देब ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत की छह प्रमुख प्राथमिकताएं सामने रखीं। इनमें आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मानदंड समाप्त करना, आतंकवादियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों की जवाबदेही तय करना, आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक लगाना, FATF के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना, उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर अंकुश लगाना और आतंकवाद के पीड़ितों को केंद्र में रखना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल साउथ के लिए मांग-आधारित और राष्ट्रीय स्वामित्व वाली क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने तथा आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली विचारधारा और आतंकवाद के लिए अनुकूल परिस्थितियों का मुकाबला करने पर भी जोर दिया।

OIC और पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

अपने संबोधन के दौरान बिप्लब कुमार देब ने OIC के अध्यक्ष के वक्तव्य का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ भारत की कार्रवाई पूरी तरह केंद्रित और मापी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत को सीमा पार से आने वाले आतंकवाद के खिलाफ अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और आतंकवाद में संलिप्तता के परिणाम भुगतने होंगे।उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर OIC की टिप्पणी को भी अनुचित बताया और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति पर सवाल उठाए। देब ने कहा कि आतंकवाद और हिंसा के वास्तविक पीड़ित तथा अपराधी के बीच अंतर किए बिना कोई भी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकती।

भारत ने दुनिया से मिलकर कार्रवाई का किया आह्वान

अपने संबोधन के अंत में बिप्लब कुमार देब ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल रणनीतियों और प्रस्तावों की समीक्षा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें प्रभावी रूप से लागू करना भी आवश्यक है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ मजबूत, प्रभावी और निरंतर अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!