Edited By Harman, Updated: 07 Oct, 2026 11:37 AM

हरियाणा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब कार्रवाई और अधिक समयबद्ध व सख्त होगी। हरियाणा पुलिस ने प्रदेशभर में नैक्स्ट जैन ई-चालान प्रणाली लागू, कर दी है। नई व्यवस्था में यातायात उल्लंघन से लेकर चालान के निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल...
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब कार्रवाई और अधिक समयबद्ध व सख्त होगी। हरियाणा पुलिस ने प्रदेशभर में नैक्स्ट जैन ई-चालान प्रणाली लागू, कर दी है। नई व्यवस्था में यातायात उल्लंघन से लेकर चालान के निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल और समयबद्ध होगी। निर्धारित समय में वाहन चालक की ओर से कोई कार्रवाई नहीं करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा।
पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण की समीक्षा की। एडीजीपी विकास अरोड़ा ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 20 जनवरी, 2026 की अधिसूचना के अनुरूप हरियाणा में 16 जून, 2026 से नेक्स्ट जेन ई- चालान प्रणाली लागू की गई है।
45 दिन में चालान स्वीकार या चुनौती
नई व्यवस्था के तहत यातायात उल्लंघन होने के 3 दिन के भीतर नोटिस भेजा जाएगा। वाहन चालक को चालान स्वीकार करने या उसे चुनौती देने के लिए 45 दिन का समय मिलेगा। इस अवधि में कोई कार्रवाई नहीं करने पर चालान स्वतः स्वीकार माना जाएगा। यदि वाहन चालक चालान के खिलाफ शिकायत करता है तो उसका निस्तारण 30 दिन के भीतर करना अनिवार्य होगा। तय अवधि में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर शिकायत स्वतः स्वीकार मानी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी और दो शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शिकायत खारिज होने पर वाहन चालक चालान राशि का 50 प्रतिशत जमा कराकर न्यायालय में चुनौती दे सकेगा। वहीं स्वीकार किए गए चालान का भुगतान 90 दिन के भीतर करना होगा।
लंबित चालान पर वाहन संबंधी सेवाओं पर रोक
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(12) के तहत लंबित चालान का निस्तारण होने तक संबंधित वाहन के पंजीकरण अथवा चालक के लाइसेंस से जुड़े कार्यों पर रोक लगाई जा सकती है। वाहन को पोर्टल पर भी चिह्नित किया जा सकता है। नियम 167 (13) के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पुलिस अधिकारियों को मोटर वाहन हिरासत में लेने का अधिकार भी है।
जाम लगने से पहले होगी तैयारी
डीजीपी अजय सिंघल ने अधिकारियों को ट्रैफिक जाम से निपटने के लिए प्रिवेटिव और डेटा आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट अपनाने के निर्देश दिए। कंट्रोल रूम, डिजिटल मैपिंग और गूगल मैप्स सहित तकनीकी माध्यमों से जाम संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। जहां नियमित रूप से जाम की स्थिति बनती है, वहां पहले से पुलिस बल तैनात करने, ट्रैफिक डायवर्जन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अब पुलिस का फोकस जाम लगने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय जाम को पहले ही रोकने पर रहेगा।
27 स्क्रैपिंग सेंटरों में पुराने वाहन होंगे स्क्रैप
बैठक में एन सीआर में बीएस-3 और इससे नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध तथा वाहन स्क्रैपिंग नीति की भी समीक्षा की गई। एडीजीपी ट्रैफिक ने बताया कि प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए 27 स्क्रैपिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। पात्र वाहन मालिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करवाकर निधर्धारित स्क्रैपमूल्य वाणिज्यिक कर में छूट तथा नया वाहन खरीदने पर नियमानुसार मिलने वाली रियायतों का लाभ उठा सकते हैं। डीजीपी ने अधिकारियों को स्क्रैपिंग नीति के बारे में आमजन को जागरूक करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।