Edited By Isha, Updated: 25 Sep, 2026 03:01 PM

हरियाणा में सितंबर के दौरान बिजली की मांग ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वीरवार को मांग 14,503 मेगावाट के पार पहुंच गई। इससे पहले सितंबर में वर्ष 2025 में अधिकतम मांग 14,200 मेगावाट व वर्ष 2026 में 14,370 मेगावाट दर्ज की गई थी।
चंडीगढ़: हरियाणा में सितंबर के दौरान बिजली की मांग ने तीन साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वीरवार को मांग 14,503 मेगावाट के पार पहुंच गई। इससे पहले सितंबर में वर्ष 2025 में अधिकतम मांग 14,200 मेगावाट व वर्ष 2026 में 14,370 मेगावाट दर्ज की गई थी।
महीने की शुरुआत में बिजली की मांग घटकर चार सितंबर के आसपास करीब 13,200 मेगावाट रह गई थी। इसके बाद करीब 15 सितंबर से मांग में फिर तेजी आने लगी। माह के दूसरे पखवाड़े में बढ़ती खपत ने बिजली तंत्र पर दबाव बढ़ाया है।
प्रदेश के पास 16,552 मेगावाट अनुबंधित बिजली की उपलब्धता है। इस साल गर्मी के मौसम में बिजली की अधिकतम मांग 16,454 मेगावाट पहुंच गई थी। मांग रिकॉर्ड के अनुसार रात के समय बिजली की खपत कम हुई है, लेकिन दिन में वृद्धि जारी है।
हरियाणा बिजली निगम से सेवानिवृत्त इंजीनियर्स मुकेश के मुताबिक सितंबर में भी तापमान अधिक रहने से घरों और प्रतिष्ठानों में पंखे, कूलर व एसी का इस्तेमाल जारी है।
इस बार बारिश में कमी या असमान वितरण के कारण खेतों में ट्यूबवेल चलाने की जरूरत बढ़ी है। वहीं, उद्योगों की नियमित गतिविधियों के साथ घरेलू बिजली उपयोग ने कुल मांग को बढ़ाया है।