यमुना में प्रदूषण फैलाने पर अब खैर नहीं! सीपीसीबी का कड़ा आदेश- 7 दिन में बंद होंगी ऐसी फैक्ट्रियां

Edited By Isha, Updated: 26 Sep, 2026 02:46 PM

polluting the yamuna will no longer go unpunished

नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब पूरी तरह से सख्ती बढ़ा दी है। बोर्ड ने बिना उपचारित पानी या अपशिष्ट को सीधे नदी में छोड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई...

पानीपत: नमामि गंगे' कार्यक्रम के तहत यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अब पूरी तरह से सख्ती बढ़ा दी है। बोर्ड ने बिना उपचारित पानी या अपशिष्ट को सीधे नदी में छोड़ने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीपीसीबी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ऐसी दोषी इकाइयों को महज सात दिन के भीतर बंद करने और उन पर भारी पर्यावरणीय मुआवजा लगाने के सख्त आदेश दिए हैं।

26 तकनीकी संस्थान करेंगे औचक निरीक्षण
सीपीसीबी ने वर्ष 2026 के अपने वार्षिक निरीक्षण अभियान के तहत देश के 26 प्रमुख तकनीकी संस्थानों को औचक जांच करने के लिए अधिकृत किया है। ये संस्थान उद्योगों की प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों की जमीनी हकीकत परखेंगे।

औद्योगिक शहर पानीपत में करीब 37 हजार छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। चूंकि जिले से होकर यमुना नदी गुजरती है, इसलिए इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट और गंदे पानी के नदी तक पहुंचने का बड़ा खतरा हमेशा बना रहता है। इसी जोखिम को ध्यान में रखते हुए सीपीसीबी ने पानीपत समेत अन्य इलाकों के प्रदूषणकारी उद्योगों पर निगरानी और शिकंजा कसने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

 

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