फरीदाबाद में आखिर जिंदगी से जंग हार गई 3 साल की नेहा,10 घंटे के रेस्क्यू के बाद बोरवेल से निकाला मासूम का शव

Edited By Harman, Updated: 28 Sep, 2026 08:20 AM

3 year old neha finally lost her battle for life in faridabad

फरीदाबाद के सेक्टर-8 में करीब 250 से 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की नेहा को करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे बाहर निकाल लिया गया। बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी।

फरीदाबाद (अनिल राठी) : फरीदाबाद के सेक्टर-8 में करीब 250 से 300 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की नेहा को करीब 10 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह करीब 4 बजे बाहर निकाल लिया गया। बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इससे उसकी मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
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पुलिस समेत कई विभागों की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

बच्ची को बाहर निकालने के लिए हरियाणा पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर जुटी रहीं। एनडीआरएफ के अधिकारी ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे उन्हें बच्ची के बोरवेल में गिरने की सूचना मिली थी। टीम करीब 9 बजे गाजियाबाद से मौके पर पहुंच गई। उस समय अन्य विभागों की टीमें भी बचाव कार्य में जुटी थीं।

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उपकरण काम नहीं आया तो कार पेंटर से बनवाया औजार

नगर निगम की ओर से बोरवेल की गहराई करीब 300 फीट बताई गई थी। शुरुआत में बचाव दल को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दे रही थी, लेकिन कुछ देर बाद आवाज आनी बंद हो गई। टीम के साथ लाए गए उपकरण बोरवेल में काम नहीं कर पाए। इसके बाद स्थानीय कार पेंटर की मदद से मौके पर ही एक उपकरण तैयार किया गया।

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125 फीट पर पानी भरा होना बनी बड़ी चुनौती

एनडीआरएफ अधिकारी के मुताबिक बोरवेल कई साल से बंद था, लेकिन करीब 125 फीट की गहराई पर गंदा पानी भरा हुआ था। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी आई। बच्ची का सिर नीचे की तरफ था। काफी मशक्कत के बाद टीम ने उसके पैर की मदद से उसे बाहर निकाला। बच्ची करीब 200 फीट से ज्यादा गहराई पर अटकी हुई थी।

खेलते समय बोरवेल में गिरी थी नेहा

रविवार शाम तीन साल की नेहा बस्ती के बच्चों के साथ बोरवेल के पास खेल रही थी। इसी दौरान वह खुले बोरवेल में गिर गई। बच्ची के गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचा दिया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसके पिता रामदीन को सूचना दी।

कई साल से सीही में रह रहा परिवार

नेहा के पिता रामदीन मजदूरी करते हैं। हादसे के समय वह काम से वापस लौट रहे थे। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के रहने वाले रामदीन कई साल से सीही गांव में परिवार के साथ रह रहे हैं और यहीं मजदूरी करते हैं।

XEN बोले- 15 साल पहले ढक्कन लगाकर बंद किया था

नगर निगम के XEN संजीव कुमार ने बताया कि करीब 15 साल पहले बोरवेल को ढक्कन लगाकर बंद किया गया था। ढक्कन हटने की जानकारी निगम को नहीं मिली थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद निगम के खिलाफ लोगों में रोष

बच्ची की मौत के बाद सेक्टर-8 के लोगों में नगर निगम के प्रति नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि बोरवेल को अगर पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बंद किया गया होता तो यह हादसा नहीं होता। लोगों ने खुले और बंद पड़े बोरवेल की दोबारा जांच कराने की मांग की है।


 

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