Edited By Isha, Updated: 26 Sep, 2026 02:47 PM

चौटाला गांव में करीब 6 साल पहले हुए चर्चित पवन हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी जीतराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई
सिरसा: चौटाला गांव में करीब 6 साल पहले हुए चर्चित पवन हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीश जिंदिया की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी जीतराम को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे 1 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। अदालत ने इस मामले में 24 और 25 सितंबर को लगातार सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए यह सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला?
यह सनसनीखेज मामला 10 मार्च 2020 यानी होली के दिन का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मृतक पवन का गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों आपस में शादी करना चाहते थे। जब इस बात की भनक युवती के पिता जीतराम को लगी, तो दोनों पक्षों के बीच इसको लेकर विवाद हुआ था और एक पंचायत भी बुलाई गई थी।
गली में आने पर भड़का था पिता
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, घटना वाले दिन 10 मार्च को जीतराम ने पवन के अपनी गली में आने पर कड़ा ऐतराज जताया था। इसी दौरान परिवार के एक सदस्य ने जीतराम को आकर बताया कि पवन दोबारा गली में आ गया है और उन्हें धमकियां दे रहा है। यह बात सुनकर जीतराम गुस्से से आगबबूला हो गया और उसने चाकू से पवन के पेट व शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के दो दिन बाद यानी 12 मार्च 2020 को ही आरोपी जीतराम को गिरफ्तार कर लिया था। करीब 6 साल चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी करार देते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है।