Edited By Krishan Rana, Updated: 28 Sep, 2026 09:07 PM

कैथल में 7 साल पहले बिजली चोरी के नाम पर की गई कार्रवाई को लेकर की गई शिकायत पर सोमवार को जिला कष्ट निवारण
कैथल (जयपाल रसूलपुर) : कैथल में 7 साल पहले बिजली चोरी के नाम पर की गई कार्रवाई को लेकर की गई शिकायत पर सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में बड़ा फैसला हुआ। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों और मामले की सुनवाई के बाद बिजली निगम की रेड को गलत बताया। उन्होंने संबंधित बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीसी को आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने बैठक में बताया कि 15 मार्च 2018 को बिजली निगम के कर्मचारी उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि कर्मचारियों ने बिजली चोरी का मामला बनाकर उससे 6,990 रुपए की राशि जमा करवाई। बाद में आरटीआई के जरिए मिली जानकारी में सामने आया कि बिजली चोरी का मामला जिस नाम और पते पर दर्शाया गया था, वह शिकायतकर्ता का था ही नहीं।
शिकायतकर्ता के अनुसार बिजली चोरी का मामला सुच्चा सिंह पुत्र प्रताप सिंह, निवासी शक्ति नगर, कलायत के नाम-पते पर दर्शाया गया। उसने अधिकारियों को बताया कि शक्ति नगर में उसका कोई मकान या प्लॉट नहीं है।
उसने बिजली चोरी से संबंधित एलएल/7/685 फार्म की जानकारी भी मांगी थी, जिसमें बिजली चोरी करने वाले व्यक्ति का नाम, पता और परिसर का विवरण दर्ज होता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मौके पर कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने उसे नोटिस दिखाया और बाद में कार्यालय ले जाकर राशि जमा करवाई। उसकी पत्नी ने घर में रखी रकम से 6,990 रुपए जमा किए।
मामले में कार्रवाई नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने बिजली निगम के अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत दी। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को सीएम विंडो पर शिकायत की। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच के दौरान उसके घर पर बिजली चोरी नहीं मिलने की बात सामने आई।
इसके बाद उसने जिला कष्ट निवारण समिति के सामने मामला रखा। सोमवार को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने मामले की सुनवाई की। दस्तावेज देखने और अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद उन्होंने रेड को गलत बताते हुए डीसी को संबंधित बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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