प्लानिंग के तहत पुलिस के ज़रिये हमें डराने की कोशिश हुई, लेकिन हम डरने वाले नहीं: दुष्यंत चौटाला

Edited By Isha, Updated: 18 Apr, 2026 08:02 PM

as part of a calculated plan an attempt was made to intimidate us through

हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में खराब होते जा रहे हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि युवाओं से जुड़े गंभीर विषयों को उठाने के चलते साजिश के तहत जननायक जनता

चंडीगढ़: हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में खराब होते जा रहे हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि युवाओं से जुड़े गंभीर विषयों को उठाने के चलते साजिश के तहत जननायक जनता पार्टी के नेताओं को पुलिस का सहारा लेकर डराने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हम डरने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि हिसार के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में छात्र संगठन इनसो के प्रदर्शन के दौरान दो गमले टूटने के जुर्म में सीआईए पुलिस रातों-रात गलत तरीके से हमारे कार्यकर्ताओं को परेशान करती है और उन्हें घर से उठाती है।

इतना ही नहीं जब हमारे नेता, कार्यकर्ता खुद अपनी गिरफ्तारी देने के लिए पुलिस के पास जाते है तो उन्हें सरेआम फर्जी नंबर की काले शीशे वाली गाड़ी बीच रास्ते में अड़ाकर धमकाया जाता है। दुष्यंत चौटाला ने हैरानी जताते हुए कहा कि पुलिस हमारी लिखित शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय आरोपी पुलिसकर्मियों का ही बचाव करने में जुटी हुई है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शनिवार को चंडीगढ़ में दुष्यंत चौटाला, जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष बृज शर्मा, युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला सहित अन्य जेजेपी नेताओं ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करके हिसार में हुए पूरे घटनाक्रम को मीडिया के माध्यम से जनता के समक्ष रखा।      
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पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि एनआईटी कुरुक्षेत्र में एक के बाद एक कई छात्र-छात्राओं के सुसाइड केस, विभिन्न विश्वविद्यालयों की भर्तियों में धांधली जैसे महत्वपूर्ण विषयों को जेजेपी-इनसो उठा रही है और प्रशासन ज्ञापन सौंप रही है। उन्होंने कहा कि हिसार की जीजेयू में भी प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन इस दौरान दो गमले टूटने के जुर्म पर दिग्विजय चौटाला सहित आठ नेताओं पर एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पुलिस की 13 टीमें देर रात अलग-अलग जगहों पर गलत तरीके से छापेमारी करके कार्यकर्ताओं को परेशान करती है और छह कार्यकर्ताओं को उठा लिया जाता है, जिनके नाम एफआईआर में भी दर्ज नहीं थे।

अगले दिन एफआईआर में नामजद नेता व प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ता खुद को पुलिस के आगे शांतिप्रिय तरीके से सरेंडर करने के लिए शहर के थाने में जाते है तो वहां गिरफ्तारी से मना कर दिया जाता है। इसके बाद एसपी कार्यालय जाते वक्त अज्ञात नंबर की दो गाड़िया हमारा पीछा करती है और बिना किसी कारण हमारे काफिले के बीच में ओवरटेक करते हुए गाड़ी रोककर दो शख्स नीचे उतरते है और धमकी देकर भाग जाते है। उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर पवन सहित पांच पुलिस वालों की एक टीम सिटी थाने से हमारे पीछा कर रहे थे और सचिवालय में भी ये सभी पुलिस वाले मौजूद थे। दुष्यंत ने बताया कि उनके काफिले को रोकने वाला एक पुलिस वाला हिसार एसपी कार्यालय में भी था। 
 
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दुष्यंत चौटाला ने हिसार पुलिस की पोल खोलते हुए बताया कि हिसार पुलिस  आरोपी पुलिस वालों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि हिसार पुलिस के मुताबिक वे पुलिस वाले ऑफ ड्यूटी थे और बिना हथियार एडीजीपी कार्यालय जा रहे थे। दुष्यंत ने सवाल करते हुए पूछा कि अगर वे ऑफ ड्यूटी थे तो उन्होंने हमारे काफिले को गाड़ी अड़ाकर क्यूं रुकवाया ? वीडियो फुटेज में दिख रहा है कि उनके पास हथियार है। अगर हमारी गलती थी तो वो पुलिस वाले अपने एक पुलिसकर्मी को वहां मौके पर छोड़कर भागे क्यूं ? बिना आई कार्ड के वे पुलिस वाले अगर हमें समझाने आए थे तो वे भागे क्यूं ? अगर वे एडीजीपी कार्यालय जा रहे थे तो वे पांचों पुलिस वाले एके-47 जैसे हथियार के साथ सचिवालय कैसे पहुंचे ? इतना ही नहीं  सड़क पर ट्रैफिक नहीं होने के बावजूद हिसार पुलिस जाम न लगे इसलिए नहीं रूकने की बेतुकी बातें करती है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमारे पास अलग-अलग जगहों की बहुत सारी फुटेज है। उन्होंने हैरानी जताते हुए ये भी कहा कि कल से पुलिस लगातार उस रास्ते पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज डिलीट करवा रही है। 
 
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पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हिसार पुलिस से हमें न्याय नहीं मिला है और उनके साथ ऐसा हो सकता है तो आम जनता के साथ क्या हो सकता है, ये चिंताजनक है। दुष्यंत ने कहा कि जो पुलिस वाला उनके काफिले के आगे गाड़ी अड़ाकर खड़ा था, उसके खिलाफ पहले ही मर्डर जैसे कई गंभीर मामले चल रहे है और उन मामलों में भी पुलिस उसका बचाव कर रही है। उन्होंने कहा कि हिसार एसपी लगातार इस पुलिस टीम के साथ टच में थे और भाजपा सरकार की प्लानिंग के तहत हमें टारगेट करके डराने की कोशिश की गई थी। 


दुष्यंत चौटाला ने गृह विभाग का जिम्मा संभाल रहे मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग करते हुए कहा कि आरोपी पुलिस वालों का बचाव कर रहे हिसार एसपी का तुरंत प्रभाव से तबादला होना चाहिए और पूरे मामले की गृह सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करके निष्पक्ष रूप से जांच करवाकर कार्रवाई हो। मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो। दुष्यंत ने कहा कि अगर जल्द कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई तो जेजेपी कानूनी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी पुलिस वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सीएम कोई कदम नहीं उठाते है तो जेजेपी जनता की अदालत में जाकर आवाज उठाएगी। दुष्यंत ने कहा कि ये पुलिस के नाम पर गुंडे है, और ये सब उनकी सादी वर्दी, फर्जी गाड़ी नंबर और हिसार पुलिस के बयान से साबित होता है। 
 
सोशल मीडिया पर भाजपा की बयानबाजी के सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने कभी सीएम नायब सिंह सैनी के खिलाफ कोई गलत टिप्पणी नहीं की है, लेकिन हमने ये जरूर कहा है कि सीएम कमजोर है और उनकी प्रशासन पर कोई पकड़ नहीं, जो कि हिसार के घटनाक्रम से भी साबित होता है। दुष्यंत ने ये भी कहा कि हमें सस्ती लोकप्रियता की जरूरत नहीं है और सीएम की जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी शक्ति का गलत इस्तेमाल करने वाले पुलिस वालों के खिलाफ कोई एक्शन लें, न कि अपनी टीम से सोशल मीडिया पर निम्न स्तर की बातें लिखवाएँ।   
 
वहीं जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि वे जीजेयू में पूरे प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे इसलिए पुलिस को सबसे पहले उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था, न कि प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी करनी थी। इसके बावजूद भी हम खुद अपनी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के पास पहुंचते है और फिर भी हमें गिरफ्तार नहीं किया जाता, ये पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े करते है। दिग्विजय ने ये भी कहा कि इनसो के कार्यक्रमों में भाजपा सरकार बाधा डाल रही है और हमें अनुमति दिलाने में सहयोग करने वाले प्रोफेसरों पर बिना किसी कारण कार्रवाई कर रही है। दिग्विजय ने कहा कि दो गमले टूटने के जुर्म के लिए हमारे कार्यकर्ताओं पर रातों-रात कार्रवाई होती है जबकि दिल्ली के एक कॉलेज में एबीवीपी के कार्यकर्ता दरवाजा तोड़कर परिसर में जाकर हंगामा करते है, लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं होती। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा, किरण पूनियां, धर्मबीर सिहाग आदि भी मौजूद रहे।

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