Edited By Deepak Kumar, Updated: 01 Oct, 2025 04:28 PM

हरियाणा में 11 नए जिले बनाने के प्रस्ताव सरकार के पास पहुंचे हैं। इनमें करनाल का असंध, अंबाला का नारायणगढ़, गुरुग्राम के मानेसर और पटौदी, कैथल का पिहोवा, हिसार के हांसी और बरवाला, जींद का सफीदों, सोनीपत का गोहाना और सिरसा का डबवाली शामिल हैं।
डेस्कः हरियाणा में 11 नए जिले बनाने के प्रस्ताव सरकार के पास पहुंचे हैं। इनमें करनाल का असंध, अंबाला का नारायणगढ़, गुरुग्राम के मानेसर और पटौदी, कैथल का पिहोवा, हिसार के हांसी और बरवाला, जींद का सफीदों, सोनीपत का गोहाना और सिरसा का डबवाली शामिल हैं। इसके साथ ही 14 नए उपमंडल, चार तहसील और 27 उप तहसील बनाने के प्रस्ताव भी मंत्रियों की उप समिति को मिले हैं। डबवाली और हांसी को पहले ही पुलिस जिला घोषित किया जा चुका है।
चंडीगढ़ के सिविल सचिवालय में मंगलवार को हुई पुनर्गठन उप-समिति की पांचवीं बैठक में विकास एवं पंचायत और खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सरकार प्रशासनिक पुनर्गठन को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि अब तक समिति को कुल 73 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। बैठक में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे।
बैठक में उपमंडल, तहसील और उप तहसील बनाने के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं। नए जिले बनाने के लिए कम से कम 125 से 200 गांव, चार लाख से अधिक आबादी और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल आवश्यक है। समिति ने कुछ गांवों को उपमंडल और तहसील में शामिल करने की सिफारिश भी सरकार को भेजी है।
कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अनुमोदन के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 31 दिसंबर तक नए जिले और तहसील नहीं बनाए गए, तो जनगणना के कारण अगले डेढ़ साल तक इस प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हो सकेगा।
रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने भी प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव के लिए 31 दिसंबर तक की समय सीमा निर्धारित की है। यदि इस अवधि में बदलाव नहीं होता है तो अगली कार्रवाई जून 2027 के बाद ही संभव होगी।