Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Sep, 2026 03:15 PM

वर्ष 2017 में शिव वाटिका के पास स्थित एक बुटीक से कपड़े चोरी करने के करीब नौ साल पुराने मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) अभिषेक चौधरी की अदालत ने तीन महिला समेत चार आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 380 के तहत दोषी...
गुड़गांव, (ब्यूरो): वर्ष 2017 में शिव वाटिका के पास स्थित एक बुटीक से कपड़े चोरी करने के करीब नौ साल पुराने मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) अभिषेक चौधरी की अदालत ने तीन महिला समेत चार आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 380 के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपियों द्वारा अपना अपराध स्वीकार करने के बाद उन्हें पहले से काटी गई हिरासत की अवधि और जुर्माने की सजा सुनाई।
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एक दिसंबर 2017 की शाम करीब साढ़े सात बजे सेक्टर-5 थाना क्षेत्र में शिव वाटिका के पास बुटीक चलाने वाली अंजू कटारिया की दुकान पर तीन महिलाएं कपड़े खरीदने के बहाने आईं। इस दौरान जब शिकायतकर्ता एक फोन कॉल सुनने में व्यस्त हो गईं, तो आरोपी महिलाओं ने मौका पाकर दुकान से कपड़ों के सूट उठा लिए और बाहर खड़े बच्चों को पकड़ा दिए। चोरी की भनक लगते ही शिकायतकर्ता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर थाना सेक्टर-पांच में धारा 380 (चोरी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की जांच करते हुए पुलिस ने मीनाक्षी निवासी खेड़की माजरा, रेखा निवासी बसई रोड, सुगना निवासी मितरपुरा महेंद्रगढ़ और प्रेम निवासी जिला महेंद्रगढ़ को गिरफ्तार कर उनके बयान दर्ज किए थे। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया था, जिस पर दो नवंबर 2017 को कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। 24 सितंबर 2026 को जब मामला साक्ष्य दर्ज करने के लिए मुकर्रर था, तब सभी चारों आरोपी मीनाक्षी, प्रेम, रेखा और सुगना ने अपने अधिवक्ता अजीत सिंह के माध्यम से बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अदालत ने बयान दर्ज करने के बाद उन्हें धारा 380 आईपीसी के तहत दोषी ठहराया गया।
सजा पर बहस के दौरान राज्य सरकार की ओर से सहायक सरकारी वकील चेतना मलिक ने सख्त सजा की मांग की, जबकि बचाव पक्ष के वकील ने आरोपियों की आर्थिक स्थिति और परिवार की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए नरम रुख अपनाने की अपील की। अदालत ने मामले के तथ्यों और आरोपी महिलाओं द्वारा पूर्व में काटी गई जेल की अवधि (मीनाक्षी, रेखा और सुगना द्वारा अलग-अलग अवधि में काटी गई न्यायिक हिरासत) को ध्यान में रखते हुए उन्हें पहले ही भुगती जा चुकी हिरासत की अवधि की सजा सुनाई और मीनाक्षी, रेखा, सुगना तथा प्रेम पर 200-200 रुपये का जुर्माना लगाया।