Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 07 Oct, 2026 07:05 PM

बुकिंग के 14 साल बाद भी फ्लैट न देने पर कंज्यूमर फोरम ने बिल्डर पर कार्रवाई की है। कंज्यूमर फोरम ने बिल्डर को आदेश दिए कि वह निवेशक को फ्लैट की बुकिंग राशि को ब्याज के साथ वापस लौटाए। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने...
गुड़गांव, (ब्यूरो): बुकिंग के 14 साल बाद भी फ्लैट न देने पर कंज्यूमर फोरम ने बिल्डर पर कार्रवाई की है। कंज्यूमर फोरम ने बिल्डर को आदेश दिए कि वह निवेशक को फ्लैट की बुकिंग राशि को ब्याज के साथ वापस लौटाए। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक https://www.facebook.com/KesariGurugram पर क्लिक करें।
जानकारी के मुताबिक, संजीव मिश्रा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि 17 अप्रैल 2012 को राजस्थान के भिवाड़ी स्थित पीयूष स्क्वायर (पीयूष सिटी) प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। घर खरीदने के लिए उन्होंने एक करीब 12 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन भी लिया था। वह पांच साल तक लोन की किस्त भी देते रहें। याचिका में बताया गया कि जब वह कोविड के बाद प्रोजेक्ट की स्थिति देखने भिवाड़ी पहुंचे तो वहां निर्माण कार्य बंद मिला। इसके बाद उन्होंने दिल्ली और फरीदाबाद स्थित बिल्डर के कार्यालयों से भी संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उनका कहना है कि 2014-15 के बाद से ही काम लगभग बंद था। काफी इंतजार के बाद उन्होंने फ्लैट का आवंटन रद्द कर जमा रकम वापस मांगने का फैसला किया, लेकिन बिल्डर की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बिल्डर की तरफ से इस मामले में कोई भी पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने दस्तावेज के आधार पर बिल्डर को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता द्वारा जमा की गई 15.32 लाख रुपये वापस करें। इस राशि पर जमा करने की तारीख से भुगतान की तारीख तक नौ प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा। इस दौरान उन्हें हुई मानसिक परेशानी पर एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 33 हजार रुपये भी देने होंगे।