Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 05 Oct, 2026 09:50 PM

शादी की डेकोरेशन के लिए अग्रिम राशि न लेने के बाद फार्म हाउस में सजावट न करने पर मुआवजे के साथ रुपये वापस करने होंगे। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): शादी की डेकोरेशन के लिए अग्रिम राशि न लेने के बाद फार्म हाउस में सजावट न करने पर मुआवजे के साथ रुपये वापस करने होंगे। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। सेक्टर-83 स्थित वाटिका इंडिया नेक्स्ट निवासी सुदर्शन कुमार शर्मा ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने अपने बेटे की शादी के लिए सोहना रोड स्थित जैन फार्म्स में डेकोरेशन कराने के उद्देश्य से उन्होंने सौभाग्य अग्रवाल,प्रितम यादव और दीपांशु से संपर्क किया था। इसके लिए उन्होंने 50,000 रुपये एडवांस दिए थे। वेंडरों ने ईमेल के माध्यम से एडवांस राशि प्राप्त होने की पुष्टि भी की थी।
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मार्च 2020 में कोरोना महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लगने से शादी का कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। इसके बाद फरवरी 2021 के पहले सप्ताह में शिकायतकर्ता ने वेंडरों को जानकारी दी कि अब शादी 22 से 24 अप्रैल 2021 के बीच घर पर सीमित मेहमानों के साथ आयोजित की जाएगी। आरोप था कि मार्च 2021 के दौरान, करीब 1 से 15 मार्च के बीच, तीनों वेंडरों ने अचानक फोन उठाना बंद कर दिया। बाद में व्हाट्सएप के माध्यम से उन्होंने शादी की डेकोरेशन सेवा उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई।शादी नजदीक होने के कारण शिकायतकर्ता को मजबूरी में दूसरे डेकोरेटर की सेवाएं लेनी पड़ीं। इसके लिए उन्हें पहले से तय व्यवस्था की तुलना में करीब 25,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश दिया कि सौभाग्य अग्रवाल,प्रितम यादव और दीपांशु तीनों मिलकर 50 हजार रुपये नौ प्रतिशत के ब्याज दर से वापस करें। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।