Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 05 Oct, 2026 09:53 PM

पुरानी लग्जरी गाड़ी पर बैंक से नया लोन पास कराकर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। गुरुग्राम के थाना सेक्टर-14 में शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): पुरानी लग्जरी गाड़ी पर बैंक से नया लोन पास कराकर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी। गुरुग्राम के थाना सेक्टर-14 में शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-12 स्थित ऑटो प्राइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रशांत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों के लिए कार लोन के चैनल पार्टनर के रूप में कार्य करती है, जिसमें लगभग 20 से 25 कर्मचारी कार्यरत हैं।
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अप्रैल 2026 में हुई सी-ब्लॉक, सेक्टर-58, नोएडा (उत्तर प्रदेश) स्थित एक फर्म के कर्मचारियों ने मोबाइल फोन के माध्यम से प्रशांत कुमार की कंपनी से संपर्क किया। इन एक महिंद्रा स्कॉर्पियो एन गाड़ी पर फाइनेंस कराने का प्रस्ताव रखा। सत्यापन के दौरान ग्राहक का नाम सुशील निवासी गीता कॉलोनी, गांधी नगर, ईस्ट दिल्ली सामने आया। व्हाट्सऐप पर दस्तावेज प्राप्त होने के बाद ऑटो प्राइम कंपनी ने सुशील की लोन फाइल तैयार की और इसे जाना स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड की उत्तम नगर (नई दिल्ली) शाखा में प्रस्तुत किया। बैंक की ओर से कागजी कार्रवाई और भौतिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोन मंजूर हो गया। 02 मई को बैंक द्वारा अठारह लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर ट्रांसफर कर दी गई। ग्राहक सुशील द्वारा दिए गए लिखित अंडरटेकिंग और निर्देशों के आधार पर यह पूरी राशि आरटीजीएस के जरिए दिल्ली के कालकाजी स्थित एक्सिस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
लोन की राशि देने के जब बैंक अधिकारियों ने सराय काले खां स्थित दिल्ली क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण में गाड़ी का मालिकाना हक बदलने और आरसी पर बैंक का हाइपोथेकेशन (एचपी) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की, तब धोखाधड़ी की पोल खुली। जांच में सामने आया कि जिस स्कॉर्पियो-एन गाड़ी पर नया लोन लिया गया था, उस पर पहले से ही एक अन्य लोन चल रहा था। गाड़ी के पहले और असल मालिक पवन कुमार ने ग्राहक सुशील के साथ मिलीभगत कर इस पुरानी लोन हिस्ट्री को जानबूझकर छिपाने का आरोप लगाया। आरोपियों ने कंपनी और बैंक के समक्ष फर्जी और जाली हलफनामे प्रस्तुत किए थे, जिनमें लिखा गया था कि इस वाहन पर अतीत में कोई लोन नहीं लिया गया है। पवन कुमार ने अपने निवास से गाड़ी सुशील को सौंपकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने में पूरी मदद की थी।
धोखाधड़ी का अहसास होने पर जब पीड़ित प्रशांत कुमार अपनी टीम के साथ 05 जून 2026 को शाम करीब 3:58 बजे आरोपी सुशील के गीता कॉलोनी स्थित घर पहुंचे और दिए गए पैसे वापस लौटाने की मांग की, तो आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। आरोपी ने सीधे तौर पर कहा यदि तुम यहां फिर कभी दिखे, तो तुम्हें मार डालूंगा। इसके बाद जब कंपनी ने नोएडा के उन दलालों से संपर्क करने की कोशिश की, जिन्होंने यह फाइल तैयार करवाई थी, तो उन्होंने भी कोई जवाब देने से मना कर दिया और पल्ला झाड़ लिया। जांच अधिकारी ने बताया कि संबंधित बैंक खातों के ट्रांजेक्शन, जाली दस्तावेजों और व्हाट्सऐप चैट को सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया जा रहा है और जल्द ही मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।