Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 04 Aug, 2026 06:34 PM

स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) हरियाणा ने कुख्यात कौशल-बंबीहा गैंग के सक्रिय सदस्य गौरव उर्फ गौरव गाडौली को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत डिपोर्ट करा लिया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) हरियाणा ने कुख्यात कौशल-बंबीहा गैंग के सक्रिय सदस्य गौरव उर्फ गौरव गाडौली को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत डिपोर्ट करा लिया है। डिपोर्ट कराया गया आरोपी गौरव, गैंगस्टर कौशल चौधरी का साला है। वर्ष 2026 में यह एसटीएफ की 13वीं सफल डिपोर्टेशन है। इससे पहले अप्रैल में थाईलैंड से गैंग के एक अन्य सदस्य साहिल चौहान को भी भारत लाया गया था।
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गुरुग्राम के गांव गाडोली खुर्द निवासी गौरव पिछले करीब तीन वर्षों से दुबई और जॉर्जिया में रहकर गैंग के लिए रंगदारी, आपराधिक साजिश और संगठित अपराधों का नेटवर्क चला रहा था। जांच में सामने आया है कि वह फरार गैंगस्टर पवन शोकीन के लिए डब्बा कॉल के जरिए हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और राजस्थान में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करता था। पुलिस के अनुसार गौरव, गैंगस्टर कौशल का साला है। उसकी बहन मनीषा कौशल की पत्नी होने के साथ गैंग की सक्रिय सदस्य है। जांच एजेंसियों के मुताबिक दोनों गैंग में नए सदस्यों की भर्ती और आर्थिक नेटवर्क संभालने में अहम भूमिका निभाते थे।
गौरव 30 नवंबर 2023 को लखनऊ एयरपोर्ट से फर्जी पासपोर्ट के जरिए साहिल यादव के नाम से दुबई भाग गया था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध और पासपोर्ट अधिनियम समेत छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में उसे पीओ घोषित किया गया था और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) भी जारी था।

हरियाणा एसटीएफ ने केंद्रीय जांच एजेंसियों, सीबीआई, एनसीबी और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर गौरव की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद यूएई की संबंधित एजेंसियों के सहयोग से उसे हिरासत में लिया गया और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पूरी कर भारत लाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के कारण प्रत्यर्पण अनुरोध कम समय में स्वीकृत हुआ और कार्रवाई सफल रही।
गौरव गडोली के खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी, आपराधिक साजिश, आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध और पासपोर्ट अधिनियम सहित कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2018 में रेवाड़ी के मॉडल टाउन और गुरुग्राम के सेक्टर-50 थाने में हत्या के प्रयास व रंगदारी के मामले, सेक्टर-10ए थाना क्षेत्र में जुआ अधिनियम का मामला तथा भारत से फरार होने के बाद बिलासपुर, भोंडसी और सेक्टर-10ए थानों में बीएनएस और पासपोर्ट अधिनियम के तहत दर्ज मामले शामिल हैं।
एसटीएफ ने पुलिस महानिदेशक, हरियाणा को विदेशों में छिपे चार वांछित गैंगस्टरों हिमांशु भाऊ, रोहित गोदारा, रणदीप मलिक और अनिल पंडित पर 10-10 हजार अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित करने का प्रस्ताव भी भेजा है। इन सभी पर रंगदारी, टारगेट किलिंग और संगठित अपराध के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि इनाम घोषित होने से इनके संबंध में विश्वसनीय सूचनाएं मिलेंगी और इन्हें गिरफ्तार कर भारत लाने की प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी। हरियाणा एसटीएफ का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और विदेशों में बैठकर अपराध संचालित करने वाले किसी भी आरोपी को कानून के दायरे में लाने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।