Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Aug, 2026 08:15 PM

हरियाणा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से शिष्टाचार मुलाकात की। हालांकि राजभवन की ओर से बैठक का आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार इस दौरान विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार इसी सप्ताह विधानसभा सत्र बुलाने का प्रस्ताव राज्यपाल को भेज सकती है। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद मानसून सत्र की तारीखों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री को किया था अधिकृत
गौरतलब है कि 28 जुलाई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 22 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। हालांकि उस बैठक में मानसून सत्र की तिथि पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संकेत दिए थे कि सत्र की तारीख जल्द तय की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने विधानसभा सत्र के आयोजन की तिथि और कार्यक्रम तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत भी किया था, जिसके बाद अब प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
10 अगस्त से पहले सत्र की संभावना कम
सूत्रों के अनुसार 10 अगस्त से पहले हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र बुलाए जाने की संभावना नहीं है। इसकी प्रमुख वजह यह है कि विधानसभा परिसर में प्रेस लाउंज, पार्किंग, प्रवेश द्वार और अन्य कई व्यवस्थाएं पंजाब विधानसभा के साथ साझा हैं। पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र 10 अगस्त तक प्रस्तावित है।
इसके अलावा 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों में मंत्री और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में व्यस्त रहेंगे। ऐसे में प्रशासनिक दृष्टि से भी उसके तुरंत बाद सत्र बुलाना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।
21 अगस्त से शुरू हो सकता है मानसून सत्र
सरकारी सूत्रों का कहना है कि हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त (शुक्रवार) से शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय राज्यपाल की मंजूरी और सरकार की औपचारिक अधिसूचना के बाद ही होगा।
मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक, वित्तीय और प्रशासनिक विषयों के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दे सदन के समक्ष रख सकती है। वहीं विपक्ष भी कानून-व्यवस्था, किसानों, बेरोजगारी, विकास कार्यों और अन्य जनसरोकार के विषयों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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