रेल दुर्घटना में कटा हाथ, जीवन जीने की उम्मीद छोड़ कूड़े में लिपटा पड़ा था युवक, ट्रैफिक पुलिसकर्मी बना मसीहा, बदल दी जिंदगी

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Oct, 2025 09:03 PM

police personal helped a man who lost his hand in train accident

रेल दुर्घटना में अपना एक हाथ गंवाने के बाद जीवन जीने की उम्मीद छोड़ चुके एक व्यक्ति के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी मसीहा बनकर सामने आया। पांच दिन से कूड़े के ढेर में पड़े एक व्यक्ति की जिदंगी ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बदल दी।

गुड़गांव, (ब्यूरो): रेल दुर्घटना में अपना एक हाथ गंवाने के बाद जीवन जीने की उम्मीद छोड़ चुके एक व्यक्ति के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मी मसीहा बनकर सामने आया। पांच दिन से कूड़े के ढेर में पड़े एक व्यक्ति की जिदंगी ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बदल दी। अपना हाथ गंवाने वाला व्यक्ति जिंदगी जीने की उम्मीद छोड़कर भीख मांगने को विवश हो गया था। ऐसे में मसीहा बनकर उसकी जिंदगी में आए ईएचएसी सुदर्शन ने उसे जीने की नई राह दिखाई जिसकी पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा भी प्रशंसा कर रहे हैं। 

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ड्यूटी के दौरान ईएचसी सुदर्शन की नजर एक गंदगी में लिपटे, जीवन से निराश दिख रहे युवक पर पड़ी। इंसानियत दिखाते हुए उन्होंने उस व्यक्ति को नहलाया, साफ कपड़े पहनाए, हजामत करवाई और भोजन दिया। इतना ही नहीं ईएचसी सुदर्शन ने उसे अपने ट्रैफिक बूथ के पीछे बने मंदिर में रहने की जगह दी और उसकी क्षमतानुसार स्वावलंबन के कार्य सिखाना शुरू कर दिया।

 

केवल पांच दिनों के भीतर उस व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया। अब वह मुस्कुरा रहा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बातचीत में उसने बताया कि एक रेल दुर्घटना में अपना हाथ खोने के बाद उसने जीवन से उम्मीद छोड़ दी थी। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने सुदर्शन के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि गुड़गांव पुलिस केवल कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि समाज में संवेदना और मानवता की प्रहरी भी है। यह घटना दर्शाती है कि ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर ट्रैफिक के साथ-साथ जिंदगियों का रास्ता भी सुधार रही है।

 

 

 

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