Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 14 Mar, 2026 10:45 PM

मानेसर की एक निजी कंपनी में कार्यरत 26 वर्षीय युवती रागिनी रौनियार के साथ हुई सड़क दुर्घटना को साजिश बताया है। पिता ने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए पुलिस को संदेहास्पद परिस्थितियों की लिखित शिकायत दी है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): मानेसर की एक निजी कंपनी में कार्यरत 26 वर्षीय युवती रागिनी रौनियार के साथ हुई सड़क दुर्घटना को साजिश बताया है। पिता ने इसे महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए पुलिस को संदेहास्पद परिस्थितियों की लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत खेड़की दौला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मूलरूप से उत्तर प्रदेश के दुर्गा वाडी कप्तानगंज निवासी रामजी रौनियार ने अपनी शिकायत में कुछ तकनीकी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि आठ मार्च की सुबह करीब साढ़े बजे रागिनी घर से ड्यूटी के लिए निकली थी। महज सात मिनट बाद बजे हादसा हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, मौके पर एक टेंपो टेढ़ा खड़ा था। चौंकाने वाली बात यह है कि रागिनी की साइकिल पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन उसके सिर के पिछले हिस्से में इतनी गहरी चोट आई है कि दिमाग में एयर बबल पाया गया है। पिता का तर्क है कि धीमी गति में साइकिल से गिरकर ऐसी जानलेवा चोट लगना असंभव है।
रामजी रौनियार ने पुलिस से मांग की है कि घटनास्थल पर मौजूद टेंपो और कार की फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि पेंट के निशानों से टक्कर की पुष्टि हो सके। साथ ही पिछले पांच किलोमीटर के रूट के सभी सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जाए। उन्होंने अंदेशा जताया है कि किसी वाहन ने उनकी बेटी को जानबूझकर या लापरवाही से टक्कर मारी है। हादसे के बाद से रागिनी सेक्टर-87 के अस्पताल में भर्ती है। वह फिलहाल वेंटिलेटर पर है और डॉक्टरों ने उसे बयान देने के लिए अनफिट घोषित किया है। जांच अधिकारी ने बताया कि मामले में जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।