Edited By Isha, Updated: 24 Feb, 2026 08:54 AM

सालों पहले रद्द हुए बसों के परमिट रिन्यू कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई हैं। इसमें आसपास के राज्यों की तरफ से अनुमति नहीं दी गई है। जिससे यात्रियों को इन मार्गों पर सुविधा नहीं मिल पाई है। इसमें सबसे बड़ी वजह टैक्स अदायगी में देरी बताई गई है।
रोहतक: सालों पहले रद्द हुए बसों के परमिट रिन्यू कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई हैं। इसमें आसपास के राज्यों की तरफ से अनुमति नहीं दी गई है। जिससे यात्रियों को इन मार्गों पर सुविधा नहीं मिल पाई है। इसमें सबसे बड़ी वजह टैक्स अदायगी में देरी बताई गई है।
2018 में बसों की कमी और दूसरे राज्यों को टैक्स अदायगी में देरी के कारण 14 मार्गों के परमिट रद्द कर दिए गए। 6 माह पहले इनको रिन्यू करने के लिए यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब, राजस्थान के साथ पत्राचार किया गया। 15 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई थी, लेकिन दूसरे राज्यों से अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई हैं।
अगर इन मार्गों पर परमिट मिल जाए तो प्रतिदिन 3-4 हजार यात्रियों को लाभ मिल सकता है। यूपी के बड़ौत डिपो की तरफ से दो माह पहले खुद ही रोहतक डिपो से बड़ौत तक बस चलाने की डिमांड की गई थी। इसके बावजूद बस नहीं चली है। विभाग की गलत नीतियों के कारण पहले काफी परमिट रद्द हुए थे। इसके बाद नए परमिट लेने के प्रयास तो शुरू किए, लेकिन प्रयास कमजोर हैं। अगले दिनों में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।