Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 09 Sep, 2026 01:18 PM
अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से लेकर जलभराव और कूड़ा डंपिंग जैसे मामलों पर तकनीक के जरिए नजर रखी जाएगी। शहर में दिसंबर 2026 तक 4287 सीसीटीवी कैमरों का मजबूत निगरानी नेटवर्क तैयार हो जाएगा
गुड़गांव, (ब्यूरो): अब ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों से लेकर जलभराव और कूड़ा डंपिंग जैसे मामलों पर तकनीक के जरिए नजर रखी जाएगी। शहर में दिसंबर 2026 तक 4287 सीसीटीवी कैमरों का मजबूत निगरानी नेटवर्क तैयार हो जाएगा। इनमें जीएमडीए के फेज-1 के तहत पहले से लगाए गए 1200 कैमरे, फेज-2 में लगाए जा रहे 2722 कैमरे तथा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल ), जीएमडीए और उत्कृष्ट सोसाइटी फॉर सेफ हरियाणा के एमओयू के तहत लगाए जा रहे 365 कैमरे शामिल हैं।
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जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी सीसीटीवी परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जीएमडीए फेज-2 और मारुति सुजुकी इंडिया के सहयोग से लगाए जा रहे कैमरों के प्रोजेक्ट में तेजी लाने तथा पूरे नेटवर्क को जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसी ) से प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।
1200 कैमरे पहले से सक्रिय, फेज दो में 2722 और लगेंगे
फेज-1 में लगाए गए 1200 कैमरों में 750 जनरल सर्विलांस, 308 एएनपीआर , 102 रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी ), 28 पीटीजेड और 48 फेस रिकॉग्निशन कैमरे शामिल हैं। वहीं फेज-2 में 1406 एएनपीआर , 102 आरएलवीडी , 74 पीटीजेड , 759 जनरल सर्विलांस, 347 फेस रिकॉग्निशन कैमरे और 20 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं।
23 प्रमुख जंक्शन भी होंगे कैमरों से लैस
जीएमडीए और एमएसआईएल के बीच हुए एमओयू के तहत 23 प्रमुख जंक्शनों पर 365 सीसीटीवी कैमरे और 29 स्पीड रडार लगाए जा रहे हैं। इनमें एसपीआर और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के 8, साइबर सिटी-गोल्फ कोर्स के बीच 4, एमजी रोड के 5 और ओल्ड दिल्ली रोड के 6 जंक्शन शामिल हैं। एमएसआइएल अपने सीएसआर प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में 69 और जंक्शनों पर 1000 सीसीटीवी कैमरे लगाएगा। संभावित क्षेत्रों में मानेसर, आईएमटी, सोहना रोड, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड, सुशांत लोक, कन्हई और पालम विहार कॉरिडोर शामिल हैं।
ऑटोमेटिक चालान से घटेगा मैनुअल हस्तक्षेप
सीईओ ने कहा कि सीसीटीवी नेटवर्क का उद्देश्य केवल निगरानी नहीं, बल्कि ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा बढ़ाना है। एएनपीआर , आरएलवीडी और स्पीड रडार के जरिए नियमों का उल्लंघन स्वतः चिन्हित कर ऑटोमेटिक चालान की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। इससे मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा और यातायात व्यवस्था में अनुशासन आएगा।
अब ड्रेनेज और जलभराव वाले स्थान भी कैमरे की नजर में
सीईओ ने शहर के महत्वपूर्ण ड्रेनेज प्वाइंट, नालों, जलभराव वाले स्थानों, ड्रेनों के शुरुआती एवं संगम बिंदुओं तथा कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर भी सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। आईसीसीसी से इन स्थानों की रियल टाइम निगरानी होगी, जिससे समस्या सामने आते ही संबंधित एजेंसियां तेजी से कार्रवाई कर सकेंगी। बैठक में जीएमडीए के हेड स्मार्ट सिटी डॉ. सुशील कुमार, एमएसआईएल के जीएम रोड सेफ्टी आर. कल्याण सुंदर, डीजीएम मेजर तुषार जोहरी(सेवानिवृत), मैनेजर ऋषभ अग्रवाल सहित जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।