Jhajjar: 4 बार मिली असफलता, फिर भी नहीं हारी हिम्मत...अब किसान के बेटे ने UPSE में हासिल किया 191वां स्थान

Edited By Manisha rana, Updated: 07 Mar, 2026 09:47 AM

farmer son did wonders jatin jakhar secured 191st rank in upse

झज्जर जिले के साल्हावास गांव के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले 27 वर्षीय जतिन कुमार जाखड़ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 191वां स्थान प्राप्त कर जिले और गांव का नाम रोशन किया है।

झज्जर (दिनेश मेहरा) : झज्जर जिले के साल्हावास गांव के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले 27 वर्षीय जतिन कुमार जाखड़ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 191वां स्थान प्राप्त कर जिले और गांव का नाम रोशन किया है। जतिन ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है। लगातार चार बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत व लगन के बल पर आखिरकार अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लिया। उनकी इस उपलब्धि से पूरे परिवार और गांव में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का घर पर तांता लगा हुआ है।

जतिन जाखड़ ने अपनी स्कूली शिक्षा धौला कुआं स्थित आर्मी स्कूल से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास कर पूरी की। इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय,रोहतक से बीएससी और एमएससी की पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने दिल्ली और रोहतक की लाइब्रेरी में बैठकर पढ़ाई की और कभी भी अपना ध्यान लक्ष्य से नहीं भटकने दिया। तीसरे प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे थे,जबकि चौथे प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। जतिन ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग केवल जरूरी जानकारी प्राप्त करने और उसे साझा करने तक ही सीमित रखा। उनका मानना है कि यदि कोई छात्र पूरी लगन और अनुशासन के साथ पढ़ाई करे तो बिना कोचिंग के भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

जतिन के पिता दीपक जाखड़ एक साधारण किसान हैं और दो एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। उनकी माता पूनम और दादी कृष्णा गृहिणी हैं। वहीं दादा रणसिंह सेना में हवलदार पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उन्होंने हमेशा जतिन को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार ने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए अपनी पूरी मेहनत और संसाधन उनकी पढ़ाई में लगाए। खास बात यह भी है कि चार दिन पहले ही जतिन का चयन ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर भी हुआ था। अब यूपीएससी में सफलता मिलने से परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। जतिन ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा और परिवार के सभी सदस्यों को दिया है।

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें) 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!