Edited By Harman, Updated: 22 May, 2026 12:43 PM

नूंह जिले के गांव आटा में बकरी को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिसमें महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने रोजका मेव थाना पुलिस को शिकायत दी है।
नूंह (अनिल मोहनिया) : नूंह जिले के गांव आटा में बकरी को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले, जिसमें महिलाओं समेत सात लोग घायल हो गए। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने रोजका मेव थाना पुलिस को शिकायत दी है।
पीड़ित आनंद पुत्र बने सिंह ने आरोप लगाया कि 18 मई को पड़ोसी मौसम की बकरी आनंद के प्लॉट में चली गई थी। उसके बाद बकरी को प्लाट से भगा दिया गया। इसे पहले मौसम को बताया गया कि अपनी बकरी को खुला ना छोड़े। अगले दिन सुबह मौसम पक्ष के लोग मृत पड़ी बकरी को उनके घर के सामने डालकर गाली-गलौज करने लगे। आनंद अपनी प्लॉट पर अपने भाई जग्गी, ओर एक दोस्त के साथ हुक्का पी रहे थे। तभी घर पर हमला बोल दिया।
आनंद पक्ष का कहना है कि महिलाओं और बच्चों तक को नहीं बख्शा गया तथा लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने आए लोगों को भी पीटा गया। जिसका सारा झगड़ा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, जबकि उनके पक्ष की शिकायत पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं थाना रोजका मेव प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत मिल चुकी है। फिलहाल शौकीन पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।