Edited By Isha, Updated: 21 Apr, 2026 03:31 PM

हिसार में जननायक जनता पार्टी (JJP) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई अब एक बड़े विवाद में बदल गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट साझा कर हिसार
हिसार :हिसार में जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई अब बड़ा सियासी विवाद बनती जा रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर हिसार CIA पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को ‘गुंडागर्दी’ और ‘एनकाउंटर जैसी दहशत फैलाने’ वाला कदम बताया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई कानून के दायरे में थी या फिर सत्ता का दुरुपयोग? फिलहाल इस पूरे मामले ने हरियाणा की सियासत को गरमा दिया है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
हरियाणा के हालात देखिए…
एक आम नागरिक को सुबह 4 बजे, गन लोड करके पुलिस कस्टडी में लेने पहुंचती है—और उस व्यक्ति पर आज तक कभी CrPC 107/151 (BNS 126/170) का परचा तक नहीं है।
ऐसे में न्याय की क्या उम्मीद की जाए? हरियाणा सरकार से तो बिल्कुल भी नहीं।@narendramodi @PMOIndia @AmitShah https://t.co/A7IMXVORMv
— Dushyant Chautala (@Dchautala) April 21, 2026
रिवॉल्वर लोड कर घर में दाखिल हुई पुलिसदुष्यंत चौटाला ने सवाल उठाया है कि क्या अब हरियाणा में आम नागरिक सुरक्षित नहीं है? उन्होंने कहा कि सुबह 4 बजे पुलिस गन लोड करके एक आम व्यक्ति को उठाने पहुंचती है, जबकि उस व्यक्ति पर पहले कभी कोई मामला तक दर्ज नहीं रहा। ऐसे हालात में न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। ताजा मामले में आरोप है कि हिसार CIA की टीम आधी रात को सिविल ड्रेस में एक जेजेपी कार्यकर्ता के घर पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी हथियारों के साथ घर में दाखिल हुए, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। जेजेपी नेता रवि आहुजा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कार्रवाई किसी कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली टीम की नहीं, बल्कि गुंडों जैसी लग रही थी। उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे पुलिस एनकाउंटर के इरादे से आई हो।
दुष्यंत चौटाला का सरकार पर हमला
वहीं दुष्यंत चौटाला ने इस पूरी घटना का वीडियो साझा कर हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे सत्ता का दुरुपयोग बताते हुए विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने की साजिश करार दिया है।एडवोकेट मनदीप बिश्नोई का कहना है कि उन्होंने इस मामले का वीडियो सार्वजनिक किया है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह पुलिसकर्मी रिवॉल्वर लोड कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पांच लोगों को पुलिस ने घर से उठाया, उनके खिलाफ न कोई एफआईआर दर्ज है और न ही किसी केस में नाम है। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग और गृह मंत्रालय को शिकायत दी गई है। साथ ही 12 पेज की शिकायत में सभी सबूत भी सौंपे गए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।