Edited By Isha, Updated: 20 Apr, 2026 04:38 PM

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के खाने में अब गैस सिलेंडर की कमी बाधा नहीं बनेगी। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी कारणवश एलपीजी
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के खाने में अब गैस सिलेंडर की कमी बाधा नहीं बनेगी। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि यदि किसी कारणवश एलपीजी (LPG) सिलेंडर उपलब्ध नहीं होता है, तो मिड-डे-मील पकाने के लिए सूखी लकड़ियों का उपयोग वैकल्पिक ईंधन के तौर पर किया जा सकता है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में गैस रिफिल होने में देरी हो जाती है या लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण समय पर सिलेंडर नहीं पहुंच पाता। ऐसी स्थिति में बच्चों को खाना मिलने में देरी होती है या मिड-डे-मील बंद करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए विभाग ने लकड़ियों को 'स्टैंडबाय ऑप्शन' के रूप में रखने की अनुमति दी है।
विभाग के प्रमुख निर्देश
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे आपातकालीन स्थिति के लिए सूखी लकड़ी का प्रबंध रखें। लकड़ी खरीदने के लिए खर्च की जाने वाली राशि को मिड-डे-मील के 'कुकिंग कॉस्ट' (Cooking Cost) फंड से मैनेज किया जाएगा। लकड़ियों का उपयोग करते समय धुएं से बचने और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।