फरीदाबाद में राजकीय सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार, हिमाचल में ट्रेनिंग के दौरान हुआ था शहीद...

Edited By Manisha rana, Updated: 20 Apr, 2026 03:36 PM

soldier last rites performed in faridabad

हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की बकलोह सैन्य छावनी में ट्रेनिंग के दौरान घायल हुए 26 वर्षीय भारतीय सेना के जवान मोहित का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

फरीदाबाद (अनिल राठी) : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की बकलोह सैन्य छावनी में ट्रेनिंग के दौरान घायल हुए 26 वर्षीय भारतीय सेना के जवान मोहित का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव शाहपुर में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। शहीद मोहित के बड़े भाई राहुल ने चिता को मुखाग्नि दी। 

बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल को मोहित चंबा जिले में स्थित बकलोह सैन्य छावनी के स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में बॉक्सिंग का अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान उनके कान के पास सिर में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद उन्हें तुरंत बकलोह के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ती गई और रविवार को उनकी मौत हो गई। 

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8 साल पहले भारतीय सेना में हुए थे भर्ती

मोहित भारतीय सेना की 29 पैरा यूनिट से जुड़े हुए थे और इस समय उनकी तैनाती आगरा में थी। करीब 40 दिन पहले ही उन्हें हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित बकलोह सैन्य छावनी के स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था। वह करीब 8 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। मोहित की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। वह अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई सरकारी नौकरी में हैं और बीच वाला भाई प्राइवेट नौकरी करता है। मोहित बचपन से ही सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते थे और उन्होंने मेहनत करके पहली ही बार में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हासिल कर ली थी। 

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शहीद मोहित का पार्थिव शरीर सबसे पहले उनके फरीदाबाद स्थित त्रिखा कॉलोनी के निवास स्थान पर लाया गया, जहां परिवार और स्थानीय लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव शाहपुर ले जाया गया। यहां पूरे सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई और गांव के श्मशान घाट में शहीद मोहित को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया। अंतिम यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर और बल्लभगढ़ के विधायक पूर्व कैबिन मंत्री मुखचंद शर्मा सहित कई राजनीतिक दलों के नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने शहीद मोहित को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार को सांत्वना दी। मोहित के बड़े भाई राहुल ने मांग की कि जहां शहीद मोहित का अंतिम संस्कार हुआ है वहां उनकी याद में स्मारक बनाया जाए और गांव के किसी सरकारी स्कूल का नाम भी उनके नाम पर रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उन्हें याद कर सकें।

वही केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह बहुत दुख की घड़ी है कि मोहित इतनी कम उम्र में शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार मोहित की याद में गांव के किसी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने के प्रस्ताव पर विचार करेगी और शहीद मोहित को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

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