बैंक घोटालों के बाद हरियाणा सरकार अलर्ट, अधिकारियों के लिए नए निर्देश जारी

Edited By Manisha rana, Updated: 20 Apr, 2026 01:10 PM

haryana government on alert after bank scams

हरियाणा में हुए बैंक घोटालों में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोपों के बाद सरकार अब जाग गई है। हरियाणा सरकार ने अब अधिकारियों को निजी व्यक्तियों से संपर्क और व्यवहार को लेकर खुद की मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) तैयार करने के...

चंडीगढ़ : हरियाणा में हुए बैंक घोटालों में सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोपों के बाद सरकार अब जाग गई है। हरियाणा सरकार ने अब अधिकारियों को निजी व्यक्तियों से संपर्क और व्यवहार को लेकर खुद की मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए व्यक्तिगत और प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकाल जरूरी हैं।

अधिकारियों के लिए एस.ओ.पी. बनाने का कदम केवल एक घोटाले की प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि नौकरशाही के कामकाज के तरीके में व्यवहारिक सतर्कता लाने की कोशिश है। प्रस्तावित नई एस.ओ.पी. के तहत अधिकारियों को अब रिकार्ड में किसी निजी व्यक्ति या संस्था से पहली मुलाकात का संक्षिप्त विवरण दर्ज करना होगा। आवश्यक हो तो ईमेल-ऑफिशियल चैनल के माध्यम से ही संवाद किया जा सकेगा। अज्ञात नंबर से आए काल या मैसेज की सत्यता की पहचान करनी होगी।

किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों या सतर्कता विभाग को सूचना दी जाएगी

प्रस्तावित एस.ओ.पी. के अनुसार संवेदनशील जानकारी केवल आधिकारिक माध्यम से साझा की जाएगी। मौखिक सिफारिश की बजाय लिखित या आधिकारिक आदेश की मांग की जाएगी। कोई भी निर्णय करने से पहले संबंधित नियम और फाइल नोटिंग की अनिवार्यता का पालन करना होगा। किस प्रकार के बाहरी संपर्क ज्यादा जोखिम वाले हैं, इसका आंकलन करना होगा। नियमित अंतराल पर कर्मचारियों को जागरूकता प्रशिक्षण देना अनिवार्य होगा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों या सतर्कता विभाग को सूचना दी जाएगी।

अनौपचारिक सिफारिशों पर तुरंत कार्रवाई न करें

आई.ए.एस. अधिकारियों से कहा गया है कि वे किसी अज्ञात या संदिग्ध व्यक्ति के साथ फोटो न खिंचवाएं। ऐसी तस्वीरों का दुरुपयोग निकटता दिखाने के लिए किया जा सकता है। बिना सत्यापन के निमंत्रण या उपहार स्वीकार न करें। निजी कार्यक्रमों या उपहारों को स्वीकार करने से हितों का टकराव बन सकता है। अनौपचारिक सिफारिशों पर तुरंत कार्रवाई न करें। केवल ऊपर से कहा गया है जैसे मौखिक निर्देशों के आधार पर निर्णय न लें। व्यक्तिगत मोबाइल या इंटरनैट मीडिया पर संवेदनशील चर्चा न करें। आधिकारिक मामलों के लिए केवल सरकारी चैनल का उपयोग करें। जरूरत पड़ने पर न कहना भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का हिस्सा माना जाएगा।

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