इंद्री मंडी में गेहूं उठान की सुस्त रफ्तार से बढ़ी चिंता, किसान और आढ़ती परेशान

Edited By Manisha rana, Updated: 21 Apr, 2026 03:34 PM

slow pace of wheat lifting in indri mandi raises concerns

इंद्री की अनाज मंडी में गेहूं के उठान की धीमी गति अब किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। मंडी में उठान की रफ्तार सुस्त होने से जहां मजदूर खाली बैठे हैं।

इंद्री (मेनपाल) : इंद्री की अनाज मंडी में गेहूं के उठान की धीमी गति अब किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। मंडी में उठान की रफ्तार सुस्त होने से जहां मजदूर खाली बैठे हैं, वहीं किसानों के भुगतान में भी देरी हो रही है। इस स्थिति को लेकर आढ़तियों में रोष लगातार बढ़ रहा है। 

आढ़ती मुकेश मंगला ने बताया कि गेहूं उठान की प्रक्रिया बेहद धीमी है, जिससे मंडी में जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई आढ़तियों को दो से तीन क्विंटल तक की शॉर्टेज भी सहनी पड़ रही है। उठान में देरी के कारण किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा, जिससे उनमें भी नाराजगी है।

कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के वाइस प्रधान जयप्रकाश बंसल ने बताया कि मंडी में जाम की स्थिति पहले से कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन जिन आढ़तियों का गेहूं अभी तक नहीं उठा, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गाड़ियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इस संबंध में आढ़तियों ने मार्केट कमेटी सचिव से मुलाकात कर समस्या का समाधान करने की मांग रखी। 

मार्केट कमेटी के सचिव अजित सिंह ने बताया कि मंडी में गेहूं उठान का कार्य लगातार जारी है और सभी आढ़तियों को रूटीन के अनुसार गाड़ियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मंडी में 6 लाख 66 हजार 245 क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जबकि 2 लाख 34 हजार 929 क्विंटल गेहूं की लिफ्टिंग हो चुकी है। रोजाना 40 से 45 गाड़ियां गेहूं उठान के लिए लगाई जा रही हैं। 

वहीं खरीद एजेंसियों की बात करें तो डीएफसी ने 4 लाख 33 हजार 471 क्विंटल, हैफेड ने 1 लाख 56 हजार क्विंटल और वेयरहाउस ने 37 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की है। लिफ्टिंग में डीएफसी ने 1 लाख 62 हजार क्विंटल, हैफेड ने 61 हजार 447 क्विंटल और वेयरहाउस ने 11 हजार 878 क्विंटल गेहूं का उठान किया है।मार्केट कमेटी सचिव ने दावा किया कि अगले दो दिनों में लिफ्टिंग का आंकड़ा 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि मंडी में किसानों और आढ़तियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और गेहूं उठान की प्रक्रिया सुचारू बनी रहे।

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