Edited By Krishan Rana, Updated: 26 May, 2026 09:10 PM

हरियाणा में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या एक बार फिर चिंता का विषय बन
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में बेटों के मुकाबले बेटियों की संख्या एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। राज्य में जन्म के समय लिंग अनुपात (SRB) में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल हरियाणा में जन्म के समय लिंग अनुपात (SRB) में गिरावट के खतरे के बाद संदिग्ध लिंग चयन और भ्रूण हत्या के तरीकों को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए थे, लेकिन इस साल के पहले चार महीनों में संख्या फिर से गिर गई है, जिससे राज्य सरकार को एक और रिव्यू करना पड़ा है।
भिवानी में लिंगानुपात में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जिले का लिंगानुपात 923 था, जो अब घटकर 895 तक पहुंच गया है। यानी एक साल में 28 अंकों की गिरावट आई है। हालांकि इसको सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दावे किए जा रहे हैं।
भिवानी सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि इसको बढ़ाने के लिए गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया है, जिसमें 1450 ऐसी महिलाएं हैं, जिसको पहले एक या दो से ज्यादा लड़कियां हैं। उनके पास एक आशा वर्कर की ड्यूटी लगाई है, जिसे सहेली का नाम दिया गया है, उस सहेली का मकसद यह है कि उसे गर्भवती महिला की निगरानी रखनी है।
करनाल बना सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला जिला
राज्य के आंकड़ों के अनुसार करनाल में सबसे बेहतर लिंगानुपात दर्ज किया गया है। यहां प्रति 1000 लड़कों पर 968 लड़कियां दर्ज की गईं।
इसके अलावा :
फरीदाबाद – 932
कुरुक्षेत्र – 932
पलवल – 924
नूंह – 913
कई जिलों में आई भारी गिरावट
राज्य के कई जिलों में लिंगानुपात में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
चरखी दादरी में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जहां SRB 853 से घटकर 769 पहुंच गया।
अंबाला में 906 से घटकर 843
झज्जर में 947 से घटकर 876
यमुनानगर में 956 से घटकर 881
पंचकूला में 966 से घटकर 901 हो गया।
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