Edited By Isha, Updated: 19 Apr, 2026 04:06 PM

हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद के मामले में अब पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। हिसार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि दुष्यंत चौटाला को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है
हिसार( विनोद सैनी): हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और सीआईए इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद के मामले में अब पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। हिसार पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा है कि दुष्यंत चौटाला को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, जिसमें पायलट गाड़ी का कोई प्रावधान नहीं होता। ऐसे में काफिले में प्राइवेट पायलट गाड़ी का उपयोग सुरक्षा नियमों की अवहेलना है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख और डीएसपी कमलजीत ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार दुष्यंत चौटाला के काफिले में शामिल प्राइवेट पायलट गाड़ी का चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था और उसने आगे चल रही सीआईए की गाड़ी को दो-तीन बार ओवरटेक करने की कोशिश की।
डीएसपी ने एक और सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए बताया कि सब्जी मंडी पुल के पास की रिकॉर्डिंग में भी यह दिखाई दे रहा है कि पायलट चालक ने जोखिमपूर्ण तरीके से ओवरटेक किया, जिससे दुर्घटना की आशंका पैदा हो गई। इसी स्थिति को देखते हुए सीआईए इंस्पेक्टर पवन ने गाड़ी रुकवाकर चालक को सावधानी से वाहन चलाने की समझाइश देने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान दिग्विजय चौटाला ने मौके पर मौजूद सीआईए सब इंस्पेक्टर राजकुमार के साथ कथित रूप से अभद्रता की। डीएसपी कमलजीत ने कहा कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उस समय सामने आया था, जब दुष्यंत चौटाला अपने भाई दिग्विजय चौटाला और अन्य समर्थकों के साथ गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में हुए हंगामे के बाद दर्ज मामलों के विरोध में हिसार आए हुए थे। सिटी थाना में गिरफ्तारी न होने पर वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर जा रहे थे, तभी सब्जी मंडी पुल के पास काफिले को रोकने और हथियार दिखाने के आरोप लगे। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद मामला तेजी से राजनीतिक रूप ले गया। अब पुलिस के पक्ष और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद जांच का दायरा और भी व्यापक हो गया है।