Edited By Isha, Updated: 05 Apr, 2026 03:55 PM

हरियाणा के हिसार जिले में दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे (NH-9) को चंडीगढ़ हाईवे (NH-52) से जोड़ने वाली फोरलेन बाईपास योजना अधर में लटक गई है। मिर्जापुर चौक से तलवंडी राणा तक बनने वाला यह 8 किलोमीटर लंबा
हिसार: हरियाणा के हिसार जिले में दिल्ली-हिसार नेशनल हाईवे (NH-9) को चंडीगढ़ हाईवे (NH-52) से जोड़ने वाली फोरलेन बाईपास योजना अधर में लटक गई है। मिर्जापुर चौक से तलवंडी राणा तक बनने वाला यह 8 किलोमीटर लंबा मार्ग फिलहाल 30 एकड़ जमीन के मालिकाना हक और आपसी विवादों की भेंट चढ़ गया है। हिसार एयरपोर्ट के विस्तार के कारण पुराना रास्ता बंद होने से ग्रामीण पहले ही परेशान हैं, और अब इस नई सड़क के निर्माण में देरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
इस कानूनी अड़चन को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने अब हरियाणा कंसोलिडेशन एक्ट के सेक्शन-5 का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है। इसके तहत तहसील कार्यालय से फाइनल रिपोर्ट मिलते ही एसडीएम के माध्यम से 118 प्रभावित जमीन मालिकों को आधिकारिक नोटिस जारी किए जाएंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करना है ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया में कोई कानूनी बाधा न रहे। रेवेन्यू रिकॉर्ड के वेरिफिकेशन के बाद ही मुआवजा वितरण और निर्माण कार्य को गति मिल पाएगी।
प्रोजेक्ट की राह में सबसे बड़ा रोड़ा किसानों के ज्वॉइंट खाते और मुआवजे की दर है। तलवंडी राणा के किसानों के अनुसार, कई परिवारों में जमीन का कागजी बंटवारा नहीं होने के कारण सदस्यों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। वहीं, मुआवजे को लेकर भी गहरा असंतोष है। पहले अधिग्रहित की गई जमीन के लिए सरकार ने 1 करोड़ 11 लाख रुपये प्रति एकड़ का रेट दिया था, लेकिन अब किसान मौजूदा मार्केट रेट के हिसाब से भारी बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।
इस बाईपास के न बनने का सीधा असर हिसार की आम जनता और बस यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है। वर्तमान में दिल्ली रोड से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को लगभग 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ता है। तलवंडी राणा सहित कई गांवों की शहर से कनेक्टिविटी कट गई है, जिससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है बल्कि बसों का किराया भी बढ़ा हुआ है। इस मार्ग के तैयार होते ही यात्रा सुगम होगी और किराए में भी गिरावट आने की उम्मीद है।