हरियाणा के गांवों में 'सफाई क्रांति': तालाबों पर लगेंगे सोलर पंप, गंदे पानी की निकासी के लिए सरकार का मास्टर प्लान

Edited By Isha, Updated: 05 Apr, 2026 04:06 PM

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चंडीगढ़ में तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के गांवों में तालाबों की बदहाली और अपशिष्ट जल निकासी

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की समीक्षा बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के गांवों में तालाबों की बदहाली और अपशिष्ट जल निकासी की समस्या को अब गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि यदि किसी गांव के तालाब में गंदगी पाई गई या वहां से बदबू आई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी, सरपंच और पंचायत सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा। सरकार ने अब हर गांव में पंचायत सचिव की जवाबदेही तय कर दी है, जिन्हें नियमित तौर पर तालाबों की निगरानी और सफाई रिपोर्ट देनी होगी।

 मुख्यमंत्री ने बैठक में जोर दिया कि जिन तालाबों का निर्माण या आधुनिकीकरण किया जा रहा है, उन्हें केवल खुदाई तक सीमित न रखा जाए। अब इन जल निकायों को बेहतर प्लानिंग, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा। जल निकासी और गाद निकालने की प्रक्रिया के लिए एक मानक संचालन प्रणाली (SOP) तैयार की गई है, जिससे काम में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे। मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी सूरत में तालाब का गंदा पानी ग्रामीणों के घरों में नहीं घुसना चाहिए। इसके लिए जल प्रवाह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
 

ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को शहर जैसी मजबूती देने के लिए प्रदेश सरकार ने सफाई कर्मचारियों के आंकड़े में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के साढ़े 6 हजार से ज्यादा तालाबों का सौंदर्यीकरण कार्य प्रगति पर है। इन तालाबों के किनारों पर न केवल पक्के घाट बनेंगे, बल्कि वहां ग्रीन बेल्ट क्षेत्र भी विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद ग्रामीणों को शुद्ध हवा और सुबह-शाम भ्रमण के लिए सुंदर वातावरण उपलब्ध कराना है। सोलर पंपों का उपयोग कर तालाबों के पानी को फिल्टर और रिसाइकिल करने पर भी काम शुरू हो गया है।

 
सरकार का लक्ष्य तालाबों को केवल जल संचयन का केंद्र बनाना नहीं, बल्कि उन्हें गांव के पर्यटन और स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करना है। तालाबों के आसपास सौंदर्यीकरण कार्य होने से ग्रामीणों को शहरों की तर्ज पर सैर करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जमीन स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए ताकि सरकारी धन का सही इस्तेमाल हो और गांवों की तस्वीर वास्तव में बदले। इस नई नीति से हरियाणा के ग्रामीण अंचलों में जल जनित बीमारियों पर लगाम लगने की भी उम्मीद है।

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