हरियाणा में AIDS नियंत्रण पर जोर, अब गर्भवती महिलाओं के साथ पति का भी होगा HIV-सिफलिस टेस्ट

Edited By Manisha rana, Updated: 05 Apr, 2026 04:30 PM

haryana pregnant women and their husbands will now undergo hiv syphilis testing

हरियाणा में एच.आई.वी./एड्स के खिलाफ लड़ाई को तेज करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में शनिवार को हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की 23वीं कार्यकारी समिति की बैठक हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य...

चंडीगढ़: हरियाणा में एच.आई.वी./एड्स के खिलाफ लड़ाई को तेज करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में शनिवार को हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी की 23वीं कार्यकारी समिति की बैठक हरियाणा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बजट प्रावधान, तकनीकी, जांच सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

वर्ष 2026-27 के लिए 47.16 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। समिति ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दी, जिसका कुल परिव्यय 47.16 करोड़ रुपए से अधिक है। इस बजट में लक्षित हस्तक्षेप और लिंक वर्कर स्कीम के लिए 16.45 करोड़ रुपए, आई.सी. टी. सी. सेवाओं के लिए 10.90 करोड़ रुपए, संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए 6.22 करोड़ रुपए, देखभाल, सहयोग एवं उपचार (ए. आर. टी.) के लिए 4.68 करोड़ रुपए, विभिन्न गतिविधियों के लिए 3.75 करोड़ रुपए तथा एस.टी.आई. सेवाओं के लिए 1.52 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

दूसरी एच.आई.वी. वायरल लोड लैब को मंजूरी मिल चुकीः बैठक में बताया गया कि राज्य में दूसरी एच. आई. वी. वायरल लोड लैब को मंजूरी मिल चुकी है, जिसे एक माह के भीतर पंचकूला में शुरू किया जाएगा। वर्तमान में पी. जी. आई. एम. एस. रोहतक स्थित एकमात्र लैब 17 जिलों को सेवाएं दे रही है, जबकि 5 जिले नई दिल्ली स्थित आई.एच.बी.ए.एस. से जुड़े हुए हैं।पंचकूला में नई लैब के शुरू होने के साथ, जिलों को 3 वायरल लोड लैब के बीच पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे जांच रिपोर्ट मिलने में लगने वाला समय कम होगा। इसके अतिरिक्त, कैथल, हिसार, पानीपत और फरीदाबाद में 4 नई सी.डी.4 मशीनें स्थापित की गई हैं, जो जल्द ही चालू हो जाएंगी। इससे पी.एल.एच.आई.वी. की निगरानी और देखभाल के लिए राज्य में बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूती मिलेगी। करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं पंचकूला के सिविल अस्पताल में नई सी. डी.4 लैब स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

गर्भवती महिलाओं व उनके जीवनसाथियों की एच.आई.वी. व सिफलिस की संयुक्त जांच
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत सभी गर्भवती महिलाओं (ए.एन.सी.) के साथ उनके जीवन साथियों की भी एच. आई.वी. और सिफलिस की एक साथ जांच करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एन.ए.सी.ओ. के संशोधित अनुमान के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए हरियाणा में 5,95,880 जांच का लक्ष्य निर्धारित है। इस नई पहल के तहत प्रति वर्ष लगभग 12 लाख संयुक्त जांच की आवश्यकता होगी, जिससे एच. आई. वी. और सिफलिस के मातृ-से-शिशु संक्रमण को लगभग शून्य तक लाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके। इसके साथ ही एच.आई.वी. संक्रमित व्यक्तियों (पी.एल.एच.आई.वी.) के लिए एक सुरक्षित वैव-आधारित प्लेटफॉर्म विकसित करने को मंजूरी दी गई है, जिसके माध्यम से वॉइस मैसेज, एस. एम. एस. अलर्ट और फॉलोअप रिमाइंडर भेजे जाएंगे। इससे उपचार में निरंतरता बनी रहेगी और मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा सकेगी। बैठक में एच. आई. वी. जांच और उपचार से जुड़े क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा भी की गई। विभाग 95-95-99 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके तहत 95 प्रतिशत संक्रमित व्यक्तियों की पहचान, 95 प्रतिशत को समय पर उपचार से जोड़ना और 99 प्रतिशत मरीजों में वायरल लोड को नियंत्रित करना शामिल है।

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