हरियाणा न्यायिक सेवा में बड़ा बदलाव, अब वकीलों के लिए जज बनना होगा और चुनौतीपूर्ण... जानें क्यों

Edited By Isha, Updated: 01 Apr, 2026 02:35 PM

major change in haryana judicial service

हरियाणा सरकार ने न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा संशोधन करते हुए हरियाणा उच्च न्यायिक सेवा (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। ये नियम 27 मार्च 2026 से प्रभावी हो गए हैं।

चंडीगढ़:  हरियाणा सरकार ने न्यायिक सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा संशोधन करते हुए हरियाणा उच्च न्यायिक सेवा (संशोधन) नियम, 2026 लागू कर दिए हैं। ये नियम 27 मार्च 2026 से प्रभावी हो गए हैं।

संशोधित नियमों के तहत अव न्यायिक सेवा में पदों को भरने के लिए प्रमोशन, सीमित प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती का स्पष्ट ढांचा तय किया गया है। नए प्रावधानों के अनुसार 50 प्रतिशत पद मेरिट-कम-सीनियरिटी के आधार पर प्रमोशन से भरे जाएंगे जबकि 25 प्रतिशत पद सीमित प्रतियोगी परीक्षा और 25 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे। सीमित प्रतियोगी परीक्षा के जरिए पदोन्नति के लिए न्यूनतम सात वर्ष का अनुभव और 35 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। 


सीधी भर्ती के लिए वकीलों के लिए भी कड़े मानदंड तय किए गए हैं। अभ्यर्थी को कम से कम तीन वर्षों तक आयकर दाता होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वार्षिक न्यूनतम आय पांच लाख रुपये और प्रत्येक वर्ष कम से कम 50 मामलों की पैरवी का प्रमाण देना होगा। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को इन शर्तों में आंशिक छूट दी गई है।

भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए रोस्टर सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत हर चार पदों पर क्रमशः प्रमोशन, प्रमोशन, परीक्षा और सीधी भर्ती का पैटर्न अपनाया जाएगा। सरकार ने वरिष्ठता निर्धारण के नियम भी स्पष्ट किए हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया में देरी होने पर किसी प्रकार का विवाद न हो।
 

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