मछली पालन को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, सब्सिडी सेवाओं के लिए समय सीमा तय

Edited By Isha, Updated: 21 Mar, 2026 04:56 PM

haryana government s major decision regarding fish farming

हरियाणा सरकार ने समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मत्स्य पालन से जुड़ी कई नई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित किया है।

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मत्स्य पालन से जुड़ी कई नई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित किया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लोडिंग आटो, फोर व्हीलर, ट्रााली के साथ मिनी ट्रैक्टर पर सब्सिडी 40 दिन के अंदर मिलेगी।

अधिसूचित सेवाओं में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम और न्यूक्लियस प्रजनन केंद्रों (एनबीसी) हेतु सब्सिडी, नवाचार एवं और नवीन परियोजनाओं, गतिविधियों स्टार्ट-अप, इन्क्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए सब्सिडी, प्रशिक्षण, जागरूकता, अनुभव एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए सब्सिडी, एकीकृत सजावटी मछली इकाई (ताजे पानी की मछलियों के प्रजनन एवं पालन) हेतु सब्सिडी तथा ताजे पानी के सजावटी मछली ब्रूड बैंक की स्थापना के लिए सब्सिडी शामिल है।

मनोरंजक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी, मछली एवं मत्स्य उत्पादों के ई-ट्रेडिंग एवं ई-मार्केटिंग के लिए ई-प्लेटफार्म हेतु सब्सिडी, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए सब्सिडी, मछली मूल्य वर्धित उद्यम इकाइयों के लिए सब्सिडी तथा विस्तार एवं सहायता सेवाओं (मत्स्य सेवा केंद्र) के लिए सब्सिडी को भी इन सेवाओं में शामिल किया गया है।

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