Edited By Manisha rana, Updated: 01 Apr, 2026 03:08 PM

हरियाणा में शिक्षा विभाग ने चिराग योजना में बदलाव कर दिया। बदलाव करते हुए आय सीमा फिर से घटा दी है।
हरियाणा डेस्क: हरियाणा में शिक्षा विभाग (Haryana Education Department) ने चिराग योजना (Chirag Scheme) में बदलाव कर दिया। बदलाव करते हुए आय सीमा (Income Limit) फिर से घटा दी है। पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के दायरे को बढ़ाते हुए अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दी गई थी, लेकिन अब विभाग (Department) ने इस फैसले को वापस लेते हुए दोबारा 1.80 लाख रुपये कर दिया है।

बताया जा रहा है कि इस फैसले के साथ ही योजना का दायरा काफी सीमित हो गया है। अब केवल वही छात्र प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले के पात्र होंगे, जिनके परिवार की सालाना आय 1.80 लाख रुपये या उससे कम है।
चिराग योजना में बदलाव के चलते रणदीप सुरजेवाला भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा कि हरियाणा को "अनपढ़ बनाने की गारंटी" बनी भाजपा का, बच्चों की शिक्षा पर एक और हमला! सालाना 8 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों से नि:शुल्क शिक्षा का हक भी, अब नायब सरकार ने छीन लिया। पूरे प्रदेश में "चिराग योजना" के तहत चिन्हित कुल 1108 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की 47,255 सीटों पर छठी से 12वीं तक दाखिला होना है। मगर सरकार के नए फरमान के मुताबिक अब केवल ₹1,80,000 तक की सालाना आय वाले परिवारों के बच्चे ही, इस योजना के तहत प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन कर सकेंगे और उसके बाद बच्चों को दाखिले का लाभ नहीं मिलेगा। 'चिराग योजना' के तहत निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में मिलने वाली निःशुल्क शिक्षा का रास्ता बंद कर, भाजपा ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है।
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