Edited By Isha, Updated: 02 Apr, 2026 02:13 PM

राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव के लिए सरकार 2026-27 के बजट में 100 करोड़ के शुरुआती प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड बनाने की तैयारी में है। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह के मुताबिक
चंडीगढ़: राज्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव के लिए सरकार 2026-27 के बजट में 100 करोड़ के शुरुआती प्रावधान के साथ हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंट फंड बनाने की तैयारी में है। वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह के मुताबिक, यह फंड सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि सीधे लोगों के जीवन में असर दिखाएगा।
इस फंड के जरिए साफ ऊर्जा, बिजली बचत, पानी संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और खेती को जलवायु के अनुसार ढालने जैसे कामों को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ेगा, शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ेंगे और गांवों में पानी की बेहतर व्यवस्था देखने को मिल सकती है। इसका मकसद है कि हरियाणा धीरे-धीरे प्रदूषण कम करें और 2070 तक शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य
की दिशा में आगे बढ़ सके। यमुना नदी की सफाई के लिए भी बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी है। 313 किलोमीटर लंबी नदी में गिरने वाले नालों के पानी को साफ करने, गंदगी रोकने और नदी किनारों को हरा-भरा बनाने पर काम होगा।
मसानी बैराज के लिए 150 करोड़ रुपये की योजना
मसानी बैराज की समस्या के समाधान के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की संयुक्त परियोजना बनाई जाएगी। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 100 करोड़ और हरियाणा-राजस्थान सरकारें 25-25 करोड़ रुपये देंगी। चूंकि पानी का प्रवाह पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, इसलिए इसे वैज्ञानिक तरीके से मोड़कर और साफ कर उपयोगी बनाने की योजना है। धारूहेड़ा क्षेत्र से रेवाड़ी जिले के मसानी बैराज में आने वाले दूषित पानी से आसपास के 16 से 17 गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।