Edited By Manisha rana, Updated: 31 May, 2026 11:49 AM

यमुनानगर के तिहानो गांव में गली की पंचायती जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया। इस दौरान छछरौली के बीडीपीओ कार्तिक चौहान स्वयं मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को...
यमुनानगर (परवेज खान) : यमुनानगर के तिहानो गांव में गली की पंचायती जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने अभियान चलाया। इस दौरान छछरौली के बीडीपीओ कार्तिक चौहान स्वयं मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में मशीनों की मदद से अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया।
कार्रवाई के दौरान छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लिया। प्रशासन का कहना है कि गली की पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था, जिसे हाईकोर्ट के आदेशों के तहत हटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार कब्जा काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, इसलिए इसे पूरी तरह हटाने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। पंचायती जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। अभियान को पूरा होने में तीन से चार दिन लग सकते हैं।
कई परिवारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं दूसरी ओर प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। एक महिला ने भावुक होते हुए कहा कि उसकी बहू नौ महीने की गर्भवती है और इस कार्रवाई के कारण परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत देने और मामले पर पुनर्विचार करने की मांग भी की।
इन आरोपों पर थाना प्रभारी वेदपाल ने स्पष्ट किया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि बीडीपीओ कार्यालय की ओर से पुलिस फोर्स की मांग की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस की ड्यूटी केवल शांति व्यवस्था बनाए रखना है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका कोई आधार नहीं है। फिलहाल तिहानो गांव में अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का दावा है कि पंचायती जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया जाएगा, जबकि प्रभावित परिवार कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह अभियान किस तरह आगे बढ़ता है।
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