मधुमक्खियों के हमले से किसान की मौत: पेटवाड़ गांव में मातम... इकलौते कमाने वाले थे 50 वर्षीय वेदपाल

Edited By Isha, Updated: 20 Apr, 2026 08:12 PM

farmer dies in bee attack

जिले के पेटवाड़ गांव में रविवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां मधुमक्खियों के हमले में एक किसान की जान चली गई। 50 वर्षीय वेदपाल अपने परिवार के इकलौते सहारा थे, जिनकी मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।

हिसार: जिले के पेटवाड़ गांव में रविवार सुबह एक हृदयविदारक घटना घटी, जहां मधुमक्खियों के हमले में एक किसान की जान चली गई। 50 वर्षीय वेदपाल अपने परिवार के इकलौते सहारा थे, जिनकी मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।

सिंचाई के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, वेदपाल रविवार सुबह करीब 6 बजे अपने खेत में सिंचाई करने के लिए घर से निकले थे। जैसे ही उन्होंने काम शुरू किया, नहर के किनारे पेड़ों पर लगे छत्तों से मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक उन पर हमला कर दिया।

बचाव की नाकाम कोशिश
पास के खेत में काम कर रहे किसान जितेंद्र ने बताया कि उन्होंने वेदपाल के चिल्लाने की आवाज सुनी। वेदपाल खुद को बचाने के लिए जमीन से रेत उठाकर शरीर पर डाल रहे थे। जितेंद्र ने तुरंत आग जलाकर धुआं भी किया ताकि मधुमक्खियों को भगाया जा सके, लेकिन तब तक मधुमक्खियां उन्हें बुरी तरह काट चुकी थीं।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
परिजन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और लहूलुहान हालत में वेदपाल को नारनौंद के नागरिक अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम हांसी के नागरिक अस्पताल में करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

प्रशासन से मदद की गुहार
मृतक वेदपाल अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके पीछे पत्नी शर्मिला, दो बेटियां (अनुप्रिया व मुस्कान) और एक बेटा (हार्दिक) है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी जगह पर पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।

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