कैथल नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स घोटाले का आरोप, 91 प्रॉपर्टी आईडी में मिली गड़बड़ी... मीडिया में मामला आने पर चेयरपर्सन ने दी सफाई

Edited By Krishan Rana, Updated: 19 Jul, 2026 03:13 PM

kaithal municipal council alleges property tax scam irregularities found in 91

प्रदेश सरकार जहां जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का दावा कर रही है, वहीं कैथल नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स और

कैथल (जयपाल रसूलपुर) : प्रदेश सरकार जहां जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का दावा कर रही है, वहीं कैथल नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स और डेवलपमेंट चार्ज की वसूली में सामने आई कथित अनियमितताओं ने स्थानीय निकाय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

जहां लोगों से टैक्स और डेवलपमेंट चार्ज की पूरी राशि वसूलने के बावजूद विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर कम राशि दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में नगर परिषद की भाजपा समर्थित चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने भी एक यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार में टैक्स वसूली में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि मामले की शिकायत विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई है।

चेयरपर्सन के इस बयान के बाद उनके चार वर्षीय कार्यकाल में नगर परिषद की टैक्स वसूली व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार खत्म करने और जीरो टॉलरेंस लागू करने का दावा किया गया था, लेकिन चार साल बाद भी टैक्स शाखा में सामने आई अनियमितताओं ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

PunjabKesari

मिली जानकारी के अनुसार करीब 91 प्रॉपर्टी आईडी में लोगों द्वारा जमा कराई गई राशि और पोर्टल पर दर्ज रकम में अंतर मिला है। बताया जा रहा है कि यह गड़बड़ी वर्ष 2023 से चली आ रही है। आरोप है कि इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा।

बता दें कि पूरे मामले की शिकायत करीब दो महीने पहले ही चेयरपर्सन के संज्ञान में पहुंच गई थी। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज कराई गई और न ही तत्काल कोई सख्त कार्रवाई हुई। अब मामला सार्वजनिक होने के बाद जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। पिछले सप्ताह नगर परिषद की बैठक में भाजपा समर्थित एक पार्षद ने भी भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने कहा कि विभाग में कार्यों का अधिक दबाव होने के कारण उन्होंने संबंधित शाखा का चार्ज स्वयं संभाला था। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

(पंजाब केसरी हरियाणा की खबरें अब क्लिक में Whatsapp एवं Telegram पर जुड़ने के लिए लाल रंग पर क्लिक करें)   

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!