CM सैनी का बड़ा ऐलान, बिना अनुमति चल रही औद्योगिक कॉलोनियों को अब मिलेगी कानूनी मान्यता, रेगुलराइजेशन नीति लागू

Edited By Krishan Rana, Updated: 19 Jul, 2026 09:10 PM

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हरियाणा सरकार ने राज्य में वर्षों से बिना अनुमति संचालित हो रही औद्योगिक कॉलोनियों और औद्योगिक क्लस्टरों को बड़ी राहत

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): हरियाणा सरकार ने राज्य में वर्षों से बिना अनुमति संचालित हो रही औद्योगिक कॉलोनियों और औद्योगिक क्लस्टरों को बड़ी राहत देते हुए उनके नियमितीकरण (रेगुलराइजेशन) के लिए नई नीति जारी की है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा लागू की गई इस नीति से राज्यभर में हजारों की संख्या में संचालित अवैध औद्योगिक इकाइयों को कानूनी मान्यता मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

नई नीति के अनुसार कम से कम 10 एकड़ क्षेत्रफल और 50 औद्योगिक इकाइयों वाली ऐसी औद्योगिक कॉलोनियां इस योजना का लाभ उठा सकेंगी, जिनका विकास 3 अक्टूबर 2025 से पहले हो चुका है। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाएं और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है।

नीति के तहत प्रत्येक औद्योगिक कॉलोनी के लिए एक "अधिकृत व्यक्ति (ऑथराइज्ड पर्सन)" नियुक्त किया जाएगा, जो सभी उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों की ओर से ऑनलाइन आवेदन करेगा। आवेदन के साथ लेआउट प्लान, सर्वे मैप, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, उत्पादन के प्रमाण, लीज दस्तावेज, जहां आवश्यक हो वहां हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति, फायर एनओसी तथा फैक्ट्री लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद उसकी प्रारंभिक जांच उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक द्वारा की जाएगी। सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर आवेदन को स्वीकार कर आगे की नियमितीकरण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सरकार का कहना है कि यह पहल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा राज्य बजट 2025 में की गई घोषणा के अनुरूप है। सरकार का उद्देश्य अनधिकृत औद्योगिक क्षेत्रों में भी सड़क, सीवरेज, पेयजल, बिजली तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को गति देना है, ताकि उद्योगों को बेहतर आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जा सके।

इस नीति के लिए हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक अमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट एरियाज आउटसाइड म्युनिसिपल एरिया (स्पेशल प्रोविजंस) संशोधन अधिनियम, 2025 के तहत आवश्यक कानूनी प्रावधान किए गए थे, जिसे 3 अक्टूबर 2025 को अधिसूचित किया गया था।

नई नीति लागू होने से प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ लंबे समय से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हजारों उद्यमियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 

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