अभय चौटाला ने सरकार पर जमकर साधा निशाना, बोले- फैसलों से किसान-व्यापारी वर्ग को हो रही परेशान

Edited By Krishan Rana, Updated: 14 Apr, 2026 07:04 PM

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हिसार की नई अनाज मंडी में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने पत्रकार वार्ता कर प्रदेश सरकार पर

हिसार (विनोद सैनी) : हिसार की नई अनाज मंडी में इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने पत्रकार वार्ता कर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फैसलों ने किसान, व्यापारी और मजदूर तीनों वर्गों को परेशान किया है लेकिन इनेलो के दबाव के चलते सरकार को अपने कई निर्णय बदलने पड़े। 

चौटाला ने कहा कि सरकार ने प्रदेश के 229 कच्चे परचेज सेंटर (फोकल पॉइंट) बंद करने का निर्णय लिया था। ये मंडियां पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल द्वारा स्थापित की गई थीं और बाद में ओम प्रकाश चौटाला ने इनका विस्तार किया था। इन केंद्रों के बंद होने से किसानों को केवल सब-डिविजन स्तर की मंडियों में ही फसल बेचने की मजबूरी होती, जिससे अव्यवस्था और भीड़ बढ़ती। 

उन्होंने कहा कि किसानों और व्यापारियों के विरोध के बाद इनेलो प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चेतावनी दी जिसके बाद सरकार को सभी फोकल पॉइंट फिर से चालू करने पड़े और व्यापारियों के लाइसेंस भी बहाल करने पड़े। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई शर्तें अभी भी लागू हैं जिससे किसान परेशान हैं। चौटाला ने मंडियों में तकनीकी खामियों को बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि बार-बार सर्वर डाउन होने से किसानों को 6-8 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने “मेरी फसल-मेरा ब्यौरा” जैसे पोर्टलों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार खुद स्पष्ट नहीं है कि कौन सा सिस्टम कब काम करेगा।

कृषि मंत्री के बायोमेट्रिक सिस्टम वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद में घोटाले के आरोप बेबुनियाद हैं क्योंकि खरीद केंद्र सरकार के माध्यम से होती है और राज्य केवल एजेंसी की भूमिका निभाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने गेहूं खरीद का लक्ष्य 80 लाख मीट्रिक टन से घटाकर 72 लाख मीट्रिक टन कर दिया है, जिससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान होगा। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मंडियों में किसानों के ठहरने, खाने-पीने और गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। 

उन्होंने दावा किया कि इनेलो के दबाव के बाद ही सरकार को निर्देश जारी करने पड़े कि किसी भी किसान की ट्रॉली को मंडी में एक मिनट भी न रोका जाए और जरूरत पड़ने पर पर्ची सिस्टम से खरीद की जाए। चौटाला ने ओलावृष्टि, बाढ़ और आगजनी से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई जिलों में सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई है लेकिन किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा। उन्होंने उचित मुआवजे की मांग की। किसानों को 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा सरकार द्वारा दिया जाए।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सहित अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में असली विपक्ष केवल इनेलो ही है। निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी 10 मई से होने वाले चुनाव में पूरी मजबूती से मैदान में उतरेगी। चौटाला ने कहा कि यदि सरकार किसान, मजदूर, कर्मचारी या व्यापारी को परेशान करती है, तो इनेलो हर स्तर पर उनकी लड़ाई लड़ेगी।

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