Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 11 Aug, 2026 08:48 PM

गाड़ी अनियंत्रित होकर अंडरपास में टकराने से हुई युवक की मौत पर मां को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह आदेश मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण यशविंदर पाल सिंह ने दिया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): गाड़ी अनियंत्रित होकर अंडरपास में टकराने से हुई युवक की मौत पर मां को पांच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। यह आदेश मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण यशविंदर पाल सिंह ने दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-52 निवासी मिथिलेश ने दायर की याचिका में बताया था कि 10 फरवरी 2023 को उनका बेटा उमेश शर्मा ने अपने दोस्त के साथ जा रहा था। इसी दौरान जब वह हुडा सिटी सेंटर के पास अंडरपास में गाड़ी को नियंत्रण नहीं कर पाया और गाड़ी अंडरपास की दीवार से टकरा गई थी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। बीमा कंपनी ने मुआवजे का विरोध किया था। कंपनी ने तर्क दिया कि मृतक स्वयं वाहन चला रहा था। उसकी वार्षिक आय 40,000 रुपये की निर्धारित सीमा से अधिक थी। याचिकाकर्ता ने गलत अधिनियम के तहत याचिका दायर की है।
न्यायाधिकरण ने पाया कि दुर्घटना 10 फरवरी 2023 को हुई थी। इस तिथि पर मोटर वाहन अधिनियम की संशोधित धारा 164 लागू थी, न कि धारा 163-ए, धारा 164 के तहत मृत्यु के मामले में पांच लाख रुपये का मुआवजा अनिवार्य है। इसमें गलती या आय की सीमा का कोई विचार नहीं किया जाता है। बीमा कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। विशेष रूप से जब मालिक-चालक के लिए 914 रुपये का बीमा प्रीमियम चुकाया गया हो। यह प्रीमियम 15 लाख रुपये के बीमा कवर के लिए था।