Edited By Yakeen Kumar, Updated: 23 Sep, 2025 09:16 PM

65 वर्षीय किसान राजपाल सिंह श्योराण प्राकृतिक खेती का मिसाल बन गए हैं।
हिसार : हिसार जिले के नारनौंद के गांव कोधकालां के 65 वर्षीय किसान राजपाल सिंह श्योराण प्राकृतिक खेती का मिसाल बन गए हैं। 14 साल पहले उन्होंने चार एकड़ में रसायन मुक्त खेती की शुरुआत की थी। यह प्रेरणा उन्हें राजीव दीक्षित के यूट्यूब वीडियो से मिली। आज उनकी उगाई गेहूं अमेरिका, इंग्लैंड, मोरक्को, भूटान और श्रीलंका तक पहुंच रही है और 8,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। खास बात यह है कि उनकी फसल की बुकिंग 2 महीने पहले ही हो जाती है और अनाज सीधे खेत से ग्राहकों तक पहुंचता है।
राजपाल सिंह न केवल गेहूं बल्कि बाजरा, मूंग, ग्वार, चना, ज्वार, मेथी जैसी फसलें भी प्राकृतिक तरीके से उगाते हैं। रसायनों के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज करते हैं। हालांकि पैदावार सामान्य खेती की तुलना में आधी है, लेकिन डिमांड इतनी ज्यादा है कि सालाना करीब 10 लाख रुपये की आय हो रही है।
साथ ही वे गाय-भैंस के दूध से घी, बाजरे के बिस्किट, सरसों-तिल का तेल और शहद बनाकर बेचते हैं। राजपाल सिंह श्योराण ने बताया कि हमने खेती से रसायन पूरी तरह खत्म कर दिए हैं। अब हमारी फसल सुरक्षित और पोषक है, इसी वजह से ग्राहक पहले से बुकिंग कराते हैं।
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